नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के चलते गंगा और घाघरा समेत 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी 84 घाट डूब गए हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर वाराणसी के घाटों पर दिखाई दे रहा है। मणिकर्णिका घाट पर छत के ऊपर अंतिम संस्कार किया जा रहा है, जबकि दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है। प्रशासन ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गंगा में नावों के संचालन पर रोक लगा दी है।दिल्ली में भी शुक्रवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। सफदरजंग मौसम केंद्र में 1 से 21 अगस्त के बीच 235.3 MM बारिश दर्ज की गई, जबकि अगस्त की सामान्य बारिश 233.1 MM है। यानी महीना खत्म होने से पहले ही सामान्य बारिश का आंकड़ा पार हो चुका है। मौसम विभाग ने वीकेंड पर भी बारिश की संभावना जताई है।
राजस्थान में इसके उलट मानसून कमजोर पड़ गया है। शुक्रवार को 15 जिलों में बारिश का अलर्ट था, लेकिन 11 जिलों में बारिश नहीं हुई। बाकी इलाकों में भी 10 MM से कम बारिश दर्ज की गई। बारिश की कमी के चलते गर्मी और उमस बढ़ गई है। श्रीगंगानगर में तापमान 39.9°C और चूरू में 39°C रिकॉर्ड हुआ।मध्य प्रदेश में तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। लो प्रेशर एरिया, मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के असर से कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। शनिवार को 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सिवनी और बालाघाट में भी तेज बारिश की संभावना है।
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ी हैं। देहरादून-मसूरी रोड समेत कई जगहों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। प्रदेश में 85 सड़कें बंद होने की जानकारी है। मौसम विभाग ने आज 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।बिहार के 28 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है। पटना में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। कई इलाकों में जलस्तर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।कुल मिलाकर देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ का असर है, जबकि राजस्थान जैसे कुछ राज्यों में मानसून कमजोर रहने से गर्मी और उमस बढ़ रही है।



