नई दिल्ली। यूट्यूबर ध्रुव राठी के भगवान राम, सीता और कृष्ण से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान गूगल ने अदालत को बताया कि संबंधित वीडियो को भारत में रोक दिया गया है। हालांकि, यह वीडियो भारत के बाहर अभी भी उपलब्ध है।
मामला अधिवक्ता अमित़ा सचदेवा की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। याचिका में वीडियो को हटाने और उस पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं के बारे में ऐसे दावे और टिप्पणियां की गईं, जिनसे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। गूगल की ओर से अदालत को बताया गया कि केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति के आदेश के बाद वीडियो को भारत में रोक दिया गया है। समिति ने 15 जुलाई को वीडियो को हटाने का निर्देश दिया था।
याचिकाकर्ता की ओर से हालांकि यह दलील दी गई कि वीडियो भारत के बाहर अब भी देखा जा सकता है और भारत में भी आभासी निजी नेटवर्क के माध्यम से इसकी पहुंच संभव है। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने अदालत से वीडियो को दुनियाभर में हटाने का निर्देश देने की मांग की। गूगल ने इस मांग का विरोध करते हुए बताया कि वैश्विक स्तर पर सामग्री हटाने से जुड़ा मुद्दा पहले से ही हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष विचाराधीन है। ऐसे में एकल पीठ के स्तर पर इस संबंध में अलग आदेश देने का सवाल कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा है।
यह विवाद ध्रुव राठी द्वारा मार्च में प्रकाशित किए गए वीडियो के बाद शुरू हुआ था। वीडियो में हिंदू धार्मिक मान्यताओं और देवी-देवताओं से जुड़े कुछ दावे किए गए थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर तीखी बहस छिड़ गई और इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए शिकायतें दर्ज कराई गईं। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र की शिकायत अपीलीय समिति को मामले पर निर्धारित समय में निर्णय लेने को कहा था। इसके बाद समिति ने वीडियो के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
मामले की ताजा सुनवाई में अदालत के सामने मुख्य सवाल यह रहा कि भारत में वीडियो पर रोक लगाए जाने के बाद क्या इसे वैश्विक स्तर पर भी हटाने का निर्देश दिया जा सकता है। गूगल की ओर से कहा गया कि इस विषय पर पहले से लंबित कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखना जरूरी है।
अब इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान अदालत वीडियो को वैश्विक स्तर पर हटाने की मांग और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार कर सकती है।



