Hanuman Beniwal News: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर से लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात 3 पुलिसकर्मियों को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूरे मामले की शिकायत की है. बेनीवाल का आरोप है कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने जानबूझकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया. उन्होंने इसे न केवल अपनी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला भी करार दिया.
‘मेरी सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़’
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि नागौर जिले में लंबे समय से पुलिस अधीक्षक (SP) का पद खाली है. ऐसे में उनकी सुरक्षा में अस्वस्थ पुलिसकर्मियों की तैनाती गंभीर लापरवाही है. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी पुलिसकर्मी की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ती या कोई अप्रिय घटना होती, तो इसकी जिम्मेदारी उन पर डालकर उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
राजस्थान पुलिस के कुछ अफसरों की हठधर्मिता और दुर्भावनापूर्ण कार्यशैली के चलते मेरी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पुलिसकर्मी को आज मैने रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया है ।
— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) July 18, 2026
यह निर्णय केवल मेरी सुरक्षा से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था… pic.twitter.com/mNAUQC5IeM
पत्र में 3 पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य संबंधी मामलों का जिक्र
सुनील विश्नोई (कांस्टेबल): बेनीवाल के अनुसार, वह पहले से ही न्यूरोलॉजी संबंधी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे. 11 जुलाई को जयपुर में उनकी तबीयत बिगड़ने पर बेनीवाल स्वयं उन्हें SMS अस्पताल लेकर गए और उपचार की व्यवस्था कराई.
बलबीर गुर्जर (कांस्टेबल): 15 जुलाई को जयपुर से लौटते समय उनकी तबीयत गंभीर रूप से खराब हो गई. बेनीवाल ने उन्हें नागौर के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से बाद में उन्हें एम्स जोधपुर रेफर किया गया. चिकित्सकों ने उनके हृदय संबंधी पुरानी बीमारी से ग्रसित होने की आशंका जताई.
सीताराम (कांस्टेबल): बेनीवाल का कहना है कि उनकी सुरक्षा के लिए भेजे गए तीसरे पुलिसकर्मी सीताराम भी स्वास्थ्य की दृष्टि से अस्वस्थ थे. इसी कारण उन्हें भी वापस पुलिस लाइन भेज दिया गया.
सुरक्षा हटाने पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे पत्र में बेनीवाल ने यह भी कहा कि कुछ समय पहले राजस्थान पुलिस की खुफिया शाखा ने उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे के इनपुट दिए थे. इसके बाद उनकी सुरक्षा में हथियारबंद कमांडो और पुलिस एस्कॉर्ट तैनात किए गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में बिना किसी पूर्व सूचना के यह अतिरिक्त सुरक्षा हटा ली गई. बेनीवाल ने सरकार से पूछा कि यदि खतरे का इनपुट था, तो सुरक्षा क्यों हटाई गई और वर्तमान में उस खतरे की स्थिति क्या है.
सरकार से कार्रवाई की मांग
सांसद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि यह मामला केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है.
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