जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस के ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान से ध्यान भटकाने के लिए प्रदेशभर में रैलियां निकाल रही है। दीपावली से ठीक पहले जयपुर के बाजारों में रैली और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। डोटासरा ने कहा कि भाजपा को यदि कांग्रेस की रैली से व्यापारियों के नुकसान की चिंता थी तो अब खुद की रैलियों के दौरान बाजारों और कारोबार पर पड़ रहे असर का जवाब देना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस वार रूम में मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस देश में आम आदमी के वोट और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभियान चला रही है, जबकि भाजपा इसे अराजकता से जोड़कर पेश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अपने वोट की रक्षा करना और संविधान के प्रावधानों को बचाने की मांग करना कब से अराजकता हो गया?
भाजपा की रैली से व्यापारियों को नुकसान का आरोप
डोटासरा ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की जयपुर में हुई रैली का जिक्र करते हुए दावा किया कि रामलीला मैदान में करीब 2 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, जिनमें से आधी खाली रह गईं। उन्होंने कहा कि रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पुलिसकर्मी और पत्रकार ही अधिक दिखाई दिए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के अनुसार, जयपुर के परकोटे के मुख्य बाजारों में रैली और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे हैं। व्यापारियों को कारोबार में नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों का कहना है कि रैली दीपावली के बाद निकाली जा सकती थी। डोटासरा ने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली पर व्यापारियों के नुकसान की बात उठाई गई, लेकिन भाजपा की रैली के समय बाजार बंद होने और व्यापारियों को हो रही परेशानी को नजरअंदाज किया जा रहा है।
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भरतपुर हत्याकांड और अवैध बजरी खनन को लेकर सरकार को घेरा
डोटासरा ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार अराजकता हटाने की बात तो कर रही है, लेकिन प्रदेश में हो रही घटनाओं पर जवाब नहीं दे रही। उन्होंने भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक की हत्या का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने जयपुर पुलिस को लेकर भाजपा विधायक की कथित टिप्पणी और राजधानी में चार्टर्ड अकाउंटेंट के अपहरण की घटना का भी जिक्र किया। डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में अवैध बजरी खनन का कारोबार भी गंभीर समस्या बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के एक मंत्री ने ही रोजाना करीब 8 करोड़ रुपये के अवैध बजरी खनन का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बजरी माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर हमले किए जा रहे हैं।
SIR और वोटर लिस्ट से नाम काटने के आरोप
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर भी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में SIR के दौरान भाजपा के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के पास बड़ी संख्या में मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने के फॉर्म जमा करवाए।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति की ओर से एक क्षेत्र में 20 से 25 हजार तक नाम काटने के फॉर्म दिए गए। उन्होंने देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का दावा करते हुए पूछा कि क्या अपने मताधिकार की रक्षा करना अराजकता है? उन्होंने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री से इन सवालों का जवाब देने की मांग की।
NEET 2026 पेपर लीक पर सरकार से मांगा जवाब
पेपर लीक के मुद्दे पर भी डोटासरा ने भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता पिछले तीन साल से पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते रहे हैं, लेकिन अब NEET 2026 पेपर लीक के मामले में राजस्थान सरकार जवाब देने से बच रही है।
उन्होंने दावा किया कि इस मामले में राजस्थान में 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, लेकिन पुलिस में प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कराई गई? डोटासरा ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में भाजपा कार्यकर्ताओं की भूमिका भी सामने आई है। उन्होंने सरकार से मामले की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
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राहुल गांधी की आवाज दबाने और एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
डोटासरा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल जनता के मुद्दों पर अपनी बात रखने और संविधान से मिले बोलने के अधिकार की रक्षा की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता और आयकर विभाग तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं पर भ्रष्टाचार के मामले सामने आने पर कार्रवाई नहीं होती, जबकि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आरोप साबित हुए बिना ही ईडी और आयकर विभाग की कार्रवाई कराई जाती है।
राइजिंग राजस्थान के निवेश और रोजगार का हिसाब मांगा
डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से राइजिंग राजस्थान निवेश कार्यक्रम को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार प्रदेश में 10 से 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश आने की बात करते हैं, लेकिन सरकार को बताना चाहिए कि वास्तव में कितना निवेश राजस्थान आया और इससे कितने लोगों को रोजगार मिला।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े उद्योगपतियों और नेताओं को सस्ती दरों पर जमीन आवंटित की गई। उन्होंने मांग की कि राइजिंग राजस्थान के तहत हुए निवेश, जमीन आवंटन, रोजगार सृजन और मुख्यमंत्री व मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर हुए खर्च का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। डोटासरा ने कहा कि सरकार यह भी बताए कि विदेश यात्राओं पर खर्च की गई राशि के बदले प्रदेश को कितना निवेश और रोजगार मिला।
मुख्यमंत्री की भाषा पर भी जताई आपत्ति
डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर की गई टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और वरिष्ठ नेताओं के लिए तू-तड़ाक वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
उन्होंने अशोक गहलोत के राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वे तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री, तीन बार केंद्रीय मंत्री और छह बार विधायक रह चुके हैं। डोटासरा ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वालों को धमकाने की भाषा में जवाब दिया जा रहा है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा नेताओं और विधायकों ने पिछले पांच साल से उनके परिवार और रिश्तेदारों को लेकर बयानबाजी की है, लेकिन कांग्रेस की मांग केवल इतनी है कि जिन पर भी आरोप हैं, उनकी निष्पक्ष जांच हो और जो दोषी मिले, उसे जेल भेजा जाए।
शिखर अग्रवाल और महेश जोशी के मामलों पर भी उठाए सवाल
डोटासरा ने पूर्व मुख्यमंत्री के एसीएस रहे शिखर अग्रवाल से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि किसी कंपनी को लाभ पहुंचाया गया है और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इसमें भूमिका निभाई है तो सरकार को शालीनता से जवाब देना चाहिए। उन्होंने महेश जोशी का नाम लेते हुए कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप लगना और अदालत से दोषी साबित होना अलग-अलग बातें हैं। डोटासरा ने भाजपा नेताओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों के आधार पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरपीएससी में सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी सवाल किया और पूछा कि वर्तमान सरकार ने नियुक्तियों के लिए कौन-सी नई प्रक्रिया अपनाई है। साथ ही उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से भाषा में मर्यादा रखने की अपील की
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों का विरोध करती रहेगी और जनता से जुड़े मुद्दे उठाती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री पुलिस अधिकारियों को बुलाकर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने की बात करते हैं। उन्होंने सरकार से विपक्ष को डराने के बजाय अपने कामकाज और विकास योजनाओं का हिसाब देने की मांग की।
अंत में डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए इस्तेमाल की गई भाषा पर आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री से जिम्मेदार पद की गरिमा बनाए रखने, शालीन भाषा का इस्तेमाल करने और बिना तथ्यों के आरोप-प्रत्यारोप से बचने की अपील की।



