नई दिल्ली। देश में रसोई गैस की उपलब्धता में सुधार के बाद केंद्र सरकार ने व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए लागू कई आपूर्ति प्रतिबंध वापस ले लिए हैं। नए निर्देशों के तहत गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से सामान्य स्तर पर बहाल किया गया है, जिससे होटल, रेस्तरां, ढाबे, औद्योगिक इकाइयों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने पर सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र के लिए गैस आपूर्ति पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए थे। उस समय कई क्षेत्रों को सीमित मात्रा में ही एलपीजी उपलब्ध कराई जा रही थी, ताकि घरेलू सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे। अब आपूर्ति स्थिति में सुधार और वैकल्पिक आयात स्रोतों से पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद सरकार ने अधिकांश प्रतिबंध हटा दिए हैं। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों के लिए बल्क एलपीजी की आपूर्ति भी आंशिक रूप से बहाल कर दी गई है।
इससे उत्पादन गतिविधियों और सेवा क्षेत्र पर पड़े दबाव में कमी आने की संभावना है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं की गैस आपूर्ति अब भी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। यदि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण आपूर्ति पर दोबारा असर पड़ता है तो आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। ऊर्जा मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार आपूर्ति प्रबंधन में बदलाव करेगा। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उद्योगों के लिए राहत भरा है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में सीमित गैस उपलब्धता के कारण कई इकाइयों की परिचालन लागत बढ़ गई थी। सामान्य आपूर्ति बहाल होने से उत्पादन क्षमता में सुधार और लागत पर नियंत्रण की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत एलपीजी की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। इसलिए वैश्विक घटनाक्रम और समुद्री व्यापार मार्गों की स्थिति का घरेलू बाजार पर सीधा प्रभाव पड़ता है। फिलहाल सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की उपलब्धता संतोषजनक है और उपभोक्ताओं को घबराकर अतिरिक्त बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं है।



