नई दिल्ली। गौतम अडानी को अमेरिका से जुड़े एक बड़े कानूनी मामले में राहत मिलने के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी अदालत ने गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और अडानी ग्रीन एनर्जी के पूर्व प्रमुख विनीत जैन के खिलाफ चल रहे आपराधिक आरोपों को खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और समूह के कई शेयरों में खरीदारी बढ़ गई।
अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से मामले को आगे नहीं बढ़ाने का अनुरोध किए जाने के बाद अदालत ने आपराधिक आरोपों को समाप्त करने की मंजूरी दी। यह मामला कथित सोलर प्रोजेक्ट रिश्वत और अमेरिकी निवेशकों को कथित तौर पर गुमराह करने से जुड़े आरोपों पर आधारित था। अडानी और समूह ने पहले से ही इन आरोपों को खारिज किया था। अदालत के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार में अडानी ग्रुप की कंपनियों पर इसका तत्काल असर दिखाई दिया। अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स, अडानी पावर और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस समेत कई शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक समूह की कंपनियों के शेयरों में करीब 3 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली। इस तेजी के बीच अडानी ग्रुप की कुल बाजार पूंजी भी बढ़ी। निवेशकों के बीच यह धारणा बनी कि अमेरिकी आपराधिक मामले के समाप्त होने से समूह पर बना एक बड़ा कानूनी दबाव कम हुआ है। इससे भविष्य की कारोबारी योजनाओं और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के भरोसे को भी सहारा मिल सकता है। हालांकि, अदालत का फैसला पूरे घटनाक्रम के सभी कानूनी पहलुओं को समाप्त नहीं करता। इससे जुड़े कुछ अन्य सिविल और नियामकीय मामले अलग प्रक्रियाओं के तहत मौजूद हैं।
अमेरिकी अदालत में आपराधिक आरोपों के खारिज होने को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। गौतम अडानी ने फैसले का स्वागत करते हुए कानून के शासन और न्याय व्यवस्था में अपने विश्वास की बात कही है। उन्होंने संकेत दिया कि समूह आगे भी अपनी कारोबारी प्रतिबद्धताओं और विकास योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा।
अमेरिकी अदालत के इस फैसले को अडानी ग्रुप के लिए महत्वपूर्ण कानूनी राहत माना जा रहा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले कारोबारी सत्रों में समूह की कंपनियों के शेयर इस सकारात्मक खबर पर कितनी मजबूती बनाए रखते हैं।



