जयपुर: राजस्थान के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में चल रहे एक और बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। टोंक और जयपुर के बाद अब श्रीगंगानगर जिले की सूरतगढ़ तहसील में एक ही खसरा नंबर की जमीन पर वास्तविक क्षेत्रफल से करीब सात गुना अधिक क्षेत्रफल की बीमा पॉलिसियां बनाकर 31 लाख 15 हजार रुपये से अधिक का अनुचित क्लेम उठाने का मामला सामने आया है।
मामला संज्ञान में आते ही डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सख्त रुख अपनाते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले किसानों और इसमें संलिप्त सीएससी (ई-मित्र) संचालकों के खिलाफ तत्काल पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं।
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एक ही खसरे पर जारी हुईं कई पॉलिसियां, ऐसे उठाया लाखों का क्लेम
पड़ताल में सामने आया कि सूरतगढ़ के कालूसर गांव में खसरा नंबर 281/91 का वास्तविक कुल क्षेत्रफल 10.37 हेक्टेयर था। लेकिन दस्तावेजों में कूटरचित बदलाव करके इसी जमीन पर कई अलग-अलग पॉलिसियां जारी करा ली गईं:
- प्रथम क्लेम: कृषक बनवारी लाल ने स्वयं ऋणी किसान के रूप में 10.37 हेक्टेयर भूमि पर मूंगफली की फसल का बीमा करवाया।
- द्वितीय एवं तृतीय क्लेम: इसी खसरा नंबर पर ई-मित्र (CSC) संचालक विकास कुमार के माध्यम से 10.37 हेक्टेयर और बिजेश के माध्यम से 10.30 हेक्टेयर क्षेत्रफल का अलग से फर्जी बीमा कराया गया। इन पॉलिसियों के आधार पर बनवारी लाल ने 23,35,319 रुपये का क्लेम प्राप्त कर लिया।
- चौथा क्लेम: इसी भूमि को बनवारी लाल द्वारा रिछपाल नाम के व्यक्ति को बटाई पर दिया गया दिखाया गया, जिसने पुनः मूंगफली की फसल का बीमा कराकर 7,80,195 रुपये का अतिरिक्त क्लेम उठा लिया।
- इस प्रकार एक ही भू-खंड से कुल 31,15,514 रुपये की सरकारी राशि का गबन किया गया।
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“जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं”: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा
फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार या पारदर्शिता से समझौता सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले अपराधियों और गैर-जिम्मेदार ई-मित्र संचालकों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बनेगी।
कृषि विभाग ने दर्ज कराई FIR, इन लोगों पर कसा शिकंजा
मंत्री के निर्देशों के क्रम में आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल के आदेश पर पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज कराया गया है। प्राथमिक जांच के आधार पर निम्नलिखित व्यक्तियों और केंद्रों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है:
- टोंक (मालपुरा तहसील): मुकेश सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी, सीताराम सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी, और फूलचन्द पुत्र हजारी लाल सैनी।
- जयपुर (शाहपुरा तहसील): दीपक सैनी पुत्र दिनेश सैनी और विनिता सैनी पत्नी सीताराम सैनी।
- ई-मित्र केंद्र संचालक: फर्जी पॉलिसियां जारी करने में मदद करने वाले सीएससी (CSC) संचालक एवं अन्य संबंधित आरोपी।
कृषि विभाग अब राज्यभर में फसल बीमा पॉलिसियों की डिजिटल ऑडिट कराने की तैयारी में है ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।



