Kailash Kher Got Angry On Singing Request: बॉलीवुड के मशहूर सिंगर कैलाश खेर ने एक कार्यक्रम में गाने से इनकार कर दिया. दरअसल एक इवेंट में उनसे 2 लाइने गाने की गुजारिश की गई थी, जिस पर उन्होंने कहा कि कलाकारों को मनोरंजन का साधन या ‘जोकर’ नहीं समझा जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने ऐसी मांगें न करने की भी अपील की.
खेर शनिवार को दिल्ली में एक पुरस्कार समारोह में शामिल हुए, जहां उनसे कुछ पंक्तियां गाने के लिए कहा गया. अनुरोध को अस्वीकार करते हुए, गायक ने विभिन्न क्षेत्रों के व्यक्तियों की तुलना करते हुए कहा कि यह क्रिकेटर को छक्का मारने या सैनिक को गोली चलाने के लिए कहने जैसा है. कार्यक्रम के सामने आए वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते दिख रहे, ‘यही मैं बदलना चाहता हूं. यही मेरे मन में ललक लगी हुई है, यही बदलना है. कि गायक को, संगीत को ऐसे न माना जाए कि सर दो लाइन गा दीजिए, मूड बना दीजिए. ये बहुत गलत है. ये अनुरोध ही मत कीजिए.’
‘क्या सचिन तेंदुलकर को बोलेंगे कि जरा एक छक्का लगाके दिखा दीजिये’
कैलाश खेर ने अपनी बात समझाने के लिए उदाहरण देते हुए कहा, ‘आप क्या सचिन तेंदुलकर को बोलेंगे कि जरा एक छक्का लगाके दिखा दीजिये? इस पृथ्वी पर कोई ऐसा नहीं करता। या सेना के जवान को नहीं बोलेंगे कि अपनी पोजिशन लेके एक जरा शॉट लगा दीजिए। ऐसा मत कीजिए, प्लीज। मसखरा मत बनाइए कलाकार को। साधक को मनोरंजक मत बनाइए। कलाकार, साधक होते हैं, वे अपने मन के होते हैं।’’
कलाकारों के सम्मान और उनकी गरिमा को लेकर छिड़ी नई बहस
कैलाश खेर का यह बयान कलाकारों के सम्मान और उनकी गरिमा को लेकर एक नई बहस छेड़ रहा है. कई लोग उनके इस स्टैंड को सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ इसे कार्यक्रम की प्रकृति से जोड़कर अलग नजरिए से देख रहे हैं. कुल मिलाकर, उनका यह रुख कलाकारों के प्रति समाज के नजरिए पर सोचने को मजबूर करता है.
लंबा संगीत सफर
गौरतलब है कि कैलाश खेर को साल 2003 में बड़ी पहचान मिली और उसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट गानों को अपनी आवाज दी. उनके लोकप्रिय गीतों में Teri Deewani, Saiyyan और Yun Hi Chala Chal शामिल हैं।
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