Anita Bishnoi News: जोधपुर। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनीता बिश्नोई की तबीयत को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. अब 2 दिन बाद उन्हें होश आ गया है. जोधपुर के मथुरादास माथुर (MDM)अस्पताल में उनका इलाज कर रहे डॉक्टरो ने बताया की उनकी स्थिति पहले से काफी बेहतर है. सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग से परेशान होकर उन्होंने 3 जून को विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था. इसके बाद से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी.
क्या बोले MDM अस्पताल के अधीक्षक ?
एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि जब अनीता को अस्पताल लाया गया था, तब उनकी हालत बेहद गंभीर थी. तत्काल उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. लगातार निगरानी और इलाज के बाद उनकी सेहत में सुधार आया गया है और अब वे पूरी तरह खतरे से बाहर हैं.
Jodhpur, Rajasthan: On the social media influencer Anita Bishnoi issue, Superintendent of Mathuradas Mathur Hospital, Vikas Rajpurohit says, ''Yesterday, she was treated in the emergency and admitted to Dr. Amit Sagar’s unit. After that, she was shifted to the ward. Later on, she… pic.twitter.com/X6ud58Aa1k
— IANS (@ians_india) June 4, 2026
ट्रोलिंग से परेशान होकर की थी जान देने की कोशिश
जानकारी के अनुसार, अनीता बिश्नोई सोशल मीडिया पर राजस्थान की संस्कृति, सामाजिक जागरूकता और विभिन्न सामाजिक मुद्दों से जुड़े वीडियो बनाती हैं. हाल ही में महिलाओं के पहनावे से संबंधित एक वीडियो पोस्ट करने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. इसके बाद लगातार हो रही आलोचना और आपत्तिजनक टिप्पणियों ने उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया.
पति ने बताई थी ट्रोलिंग की बात
अनीता के पति दीनाराम ने बताया कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स और कथित इन्फ्लुएंसर्स लगातार उनकी पत्नी को निशाना बना रहे थे। उनके अनुसार, अनीता को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा था। इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने व्हाट्सएप के माध्यम से अपमानजनक संदेश और धमकियां भी भेजीं, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गई थीं.
परिवार ने किसी के खिलाफ नहीं दर्ज कराया मामला
दीनाराम का आरोप है कि लगातार हो रही ट्रोलिंग और व्यक्तिगत हमलों के कारण अनीता पर मानसिक दबाव बढ़ता गया. इसी तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया. हालांकि घटना के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई, लेकिन परिवार की ओर से फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.
बढ़ती ट्रोलिंग का मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर बढ़ती ट्रोलिंग और उसके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर की जाने वाली नकारात्मक टिप्पणियां और व्यक्तिगत हमले कई बार लोगों को गहरे मानसिक तनाव में धकेल सकते हैं. ऐसे में सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग और डिजिटल व्यवहार में संवेदनशीलता बेहद जरूरी है.
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