चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख सी. विजय के एक इशारे को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी DMK ने आरोप लगाया कि विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से जुड़ी पुरानी चोट का मजाक उड़ाने वाला हावभाव किया। विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने सफाई दी कि उनका इशारा किसी व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए नहीं था और इसमें किसी को ठेस पहुंचाने की कोई मंशा नहीं थी।
यह मामला विधानसभा में उस वक्त सामने आया, जब विजय पुलिस और अग्निशमन विभाग से जुड़ी अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे। अपने भाषण में उन्होंने MISA के दौर और उस समय की राजनीतिक घटनाओं का जिक्र किया। इसी दौरान उन्होंने हाथ से अपने जबड़े की ओर इशारा किया। इस हावभाव का वीडियो सामने आने के बाद DMK नेताओं ने इसे एमके स्टालिन की पुरानी चोट से जोड़ दिया।
स्टालिन को आपातकाल के दौरान MISA के तहत हिरासत में लिया गया था। इसी अवधि में उनके साथ कथित मारपीट और चोट लगने की घटनाओं का जिक्र राजनीतिक बहस में पहले भी होता रहा है। DMK का आरोप है कि विजय ने इसी संदर्भ को ध्यान में रखते हुए इशारा किया।
विजय ने सोशल मीडिया पर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद विजय ने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भाषण के दौरान हुआ हावभाव पूरी तरह अनजाने में था। उनका किसी व्यक्ति का अपमान करने या किसी की भावनाओं को चोट पहुंचाने का इरादा नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान और बॉडी लैंग्वेज को संदर्भ से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। विजय ने लोगों से अपील की कि इस घटना को व्यक्तिगत टिप्पणी के रूप में न लिया जाए।
विधानसभा में जोरदार हंगामा
विजय के भाषण के दौरान DMK विधायकों ने कई मुद्दों पर आपत्ति जताई। TVK सरकार की ओर से TASMAC में कथित अनियमितताओं और प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े दस्तावेजों का भी जिक्र किया गया। विजय ने अपने भाषण में MISA और सरकारिया आयोग का संदर्भ देते हुए DMK पर निशाना साधा।
DMK सदस्यों ने विजय की कुछ टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाने की मांग की। इस दौरान सदन में काफी हंगामा हुआ। स्थिति बिगड़ने पर मार्शलों की मदद से कुछ प्रदर्शनकारी विधायकों को सदन से बाहर ले जाया गया।
बयानबाजी के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
इस घटना ने तमिलनाडु की राजनीति में TVK और DMK के बीच बढ़ते टकराव को एक नया मुद्दा दे दिया है। विजय 2026 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए लगातार राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं, जबकि DMK भी TVK के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दे रही है।
हालांकि मुख्यमंत्री की सफाई के बाद उन्होंने स्पष्ट किया है कि विधानसभा में किया गया इशारा जानबूझकर किसी नेता का मजाक उड़ाने के लिए नहीं था। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद कितना आगे बढ़ता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।



