नई दिल्ली। रूस ने एक बार फिर यूक्रेन के कई इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, ताजा हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 अन्य घायल हुए हैं। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों को भयावह बताते हुए रूस की कड़ी आलोचना की है।
जेलेंस्की ने सोमवार को बताया कि औद्योगिक शहर ड्नीप्रो पर किए गए मिसाइल हमले में पांच लोगों की जान चली गई और 28 लोग घायल हुए। यह शहर युद्ध की अग्रिम पंक्ति से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन लंबे समय से रूसी हमलों का निशाना बनता रहा है। क्षेत्रीय प्रशासन के मुताबिक मृतकों में 13 वर्षीय एक किशोरी भी शामिल है। हमले के बाद कई इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि घायलों को सिर में गंभीर चोटें, छर्रों के घाव, हड्डियां टूटने और विस्फोट से संबंधित अन्य चोटें आई हैं। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। वहीं, दक्षिण-पूर्वी शहर जापोरिज्जिया पर हुए ड्रोन हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे समेत छह अन्य घायल हुए हैं। यह शहर भी लगातार रूसी हमलों की चपेट में रहा है और युद्ध के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है।
इसके अलावा सुमी, ओडेसा, चेर्निहीव, खेरसोन और खारकीव क्षेत्रों में भी रूस की ओर से हमले किए गए। यूक्रेनी प्रशासन ने इन इलाकों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। दूसरी ओर, क्रेमलिन ने दोहराया है कि शांति समझौते को लेकर रूस का रुख पहले जैसा ही बना हुआ है। रूस का कहना है कि किसी भी समझौते के लिए यूक्रेन को उन चार क्षेत्रों से अपनी सेना हटानी होगी, जिन्हें मॉस्को अपना हिस्सा मानता है। साथ ही यूक्रेन को नाटो की सदस्यता लेने की योजना भी छोड़नी होगी।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा कि रूस इन क्षेत्रों पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि यूक्रेन ने लंबी दूरी के हमलों पर रोक लगाने और लड़ाई को सीमित क्षेत्रों तक रखने का प्रस्ताव दिया था, हालांकि इस पर अभी तक कोई सहमति नहीं बन सकी है।



