Sonam Wangchuk News: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. अदालत ने कहा कि उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और पहले दिए गए न्यायिक निर्देशों को देखते हुए सरकार द्वारा उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराना मनमाना फैसला नहीं कहा जा सकता. दरअसल वांगचुक की पत्नी की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिसमें उन्हें निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की गई थी.
3 दिन में मांगी स्टेटस रिपोर्ट
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार,दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस को 3 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान अदालत ने वांगचुक के स्वास्थ्य की स्थिति, चिकित्सा व्यवस्था और उनके इलाज को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी. मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी.
#UPDATE | Justice Mini Pushkarna is hearing the petition filed by Dr Gitanjali J. Angmo seeking Sonam Wangchuk’s discharge from Safdarjung Hospital and his transfer to a private hospital of the family’s choice.
— ANI (@ANI) July 19, 2026
Senior Advocate Kapil Sibal appears for the petitioner, while ASG… https://t.co/hNqdrQpO29
स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल ले जाना उचित: कोर्ट
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय चिकित्सा आवश्यकता के अनुरूप था और इसे मनमाना नहीं कहा जा सकता. अदालत ने स्पष्ट किया कि वांगचुक को वही दवाएं दी जा रही हैं, जिन पर उनकी सहमति है. साथ ही कहा कि आगे उपचार से जुड़ा प्रत्येक चिकित्सकीय निर्णय डॉक्टर और सोनम वांगचुक की सहमति से ही लिया जाएगा. कोर्ट ने यह भी बताया कि वांगचुक का इलाज फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में जारी रहेगा और एम्स के डॉक्टर भी उनके स्वास्थ्य की निगरानी करेंगे.
“वांगचुक हिरासत में नहीं हैं”
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक किसी प्रकार की हिरासत में नहीं हैं. अदालत के अनुसार, उनके परिवार के सदस्यों को अस्पताल में उनसे मिलने की पूरी अनुमति है और इस संबंध में कोई प्रतिबंध नहीं है.
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