Cockroach Janta Party: देशभर में इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की खूब चर्चा हो रही है. इस डिजिटल मुहिम को युवाओं का जमकर समर्थन मिल रहा है. यही वजह है कि CJP को काफी कम समय में सोशल मीडिया पर वो लोकप्रियता हासिल हो गई है. जो देश की कई बड़ी पार्टियों को लंबे वक्त में नहीं मिल सकी. कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स का आंकड़ा 20 मिलियन पहुंच चुका है. अब इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो चुकी है.
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके से जब पूछा गया कि क्या यह मुहिम आगे चलकर राजनीतिक पार्टी का रूप ले सकती है, तो उन्होंने कहा कि ऐसा जरूर हो सकता है, लेकिन अभी इस पर खुलकर कुछ कहा नहीं जा सकता. हालांकि अभिजीत दीपके के माता-पिता ने साफ कहा है कि वो नहीं चाहते उनका बेटा राजनीति में जाए. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि अभिजीत की बढ़ती लोकप्रियता ने हमें चिंता में डाल दिया है. माता-पिता को यह डर सताने लगा है कि उनका बेटा मुसीबत में पड़ सकता है या उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है.
‘नहीं चाहते कि हमारा बेटा राजनीति में कदम रखे’
छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले दीपके के माता-पिता भगवान और अनीता ने साफ कहा है कि वे नहीं चाहते कि उनका बेटा राजनीति में कदम रखे. अभिजीत के पिता भगवान ने कहा, ‘आजकल की राजनीति को देखें तो डरना स्वाभाविक है, चाहे उसके कितने भी समर्थक हों. अपने एक इंटरव्यू में उसने स्वयं भारत लौटने पर गिरफ्तारी का डर जताया था. हम अखबारों में ऐसी घटनाओं के बारे में पढ़ते हैं.’
‘बेटा राजनीति से दूर रहे और नौकरी पाने पर ध्यान दे’
अभिजीत की मां अनीता ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनका बेटा राजनीति से दूर रहे और नौकरी पाने पर ध्यान दे. उन्होंने बताया कि अभिजीत ने पहले छत्रपति संभाजीनगर में पढ़ाई की और बाद में आगे की पढ़ाई के लिए पुणे चला गया. उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग उसके लिए मुश्किल थी, इसलिए उसने मीडिया क्षेत्र में आने का फैसला किया.
‘पिछले 2 रातों से सो नहीं पाया हूं कि उसके साथ क्या हो सकता है’
भगवान और अनीता ने बताया कि उन्हें CJP के बारे में सबसे पहले एक पड़ोसी से पता चला. सोशल मीडिया पर सीजेपी के बढ़ते प्रभाव ने उन्हें चिंतित कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘मैं चिंतित हूं क्योंकि वह अब मशहूर हो गया है और ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाता है. मैं यह सोचकर पिछले 2 रातों से सो नहीं पाया हूं कि उसके साथ क्या हो सकता है. मुझे राजनीति से नफरत है और इसमें मेरी कोई रुचि नहीं है.’
किसने की अभियान की शुरुआत ?
इस डिजिटल आंदोलन की शुरुआत 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने की. जो महाराष्ट्र के संभाजीनगर के रहने वाले हैं और फिलहाल अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर रहे हैं. बताया जाता है कि वह 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वालंटियर के तौर पर भी काम कर चुके हैं. उन्होंने 16 मई को एक्स पर एक गूगल फॉर्म शेयर करते हुए लोगों को इस अभियान से जुड़ने का न्योता दिया था. जब उनसे पूछा गया कि “असल कॉकरोच कौन है?”, तो उन्होंने जवाब दिया -‘हां, मैं ही कॉकरोच हूं. चीफ जस्टिस असल में मेरे जैसे युवाओं की ही बात कर रहे थे.’
क्यों बनाई गई कॉकरोच जनता पार्टी?
अभिजीत दीपके के मुताबिक, “कॉकरोच” शब्द से उन्हें व्यक्तिगत समस्या नहीं थी, लेकिन देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर बैठे व्यक्ति की तरफ से ऐसी टिप्पणी आना उनके लिए बड़ा झटका था. उनका कहना है कि संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है और यदि अपनी राय रखने वाले युवाओं की तुलना “कॉकरोच” या “परजीवी” से की जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ माना जाएगा. उनके अनुसार, यदि यही टिप्पणी किसी राजनीतिक नेता ने की होती, तो शायद इतना बड़ा विवाद नहीं होता. लेकिन यह उस शख्स की तरफ से आया जिससे हमें अपनी आजादी के संरक्षण की उम्मीद थी. तो युवाओं में ज्यादा गुस्सा देखने को मिला.
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