Ashok Gehlot On Sachin Pilot: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वरिष्ठ नेता सचिन पायलट के हालिया बयान का स्वागत करते हुए कहा है कि पायलट ने जो बातें कही हैं, वे बिल्कुल सही हैं और पार्टी को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि अब पुराने विवादों का अध्याय समाप्त होगा और पार्टी के नेता एक-दूसरे के और करीब आएंगे.
‘मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं था’
उन्होंने कहा कि हाल ही मैंने जो बातें कहीं, दिल से कहीं. मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं था. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर अतीत में जो घटनाक्रम हुआ था, उसके बारे में देशभर में कई तरह की धारणाएं बन गई थीं। ऐसे में उन मुद्दों पर अपनी बात रखना जरूरी था. इसी कारण उन्होंने अपनी भावनाओं और परिस्थितियों को सार्वजनिक रूप से साझा किया था.
‘कांग्रेस अध्यक्ष का पद अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का पद अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित है. उन्होंने कहा कि उस समय जो भी परिस्थितियां थीं, उन्हें लेकर उनके अपने तर्क और विचार थे. गहलोत ने कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा, वह पूरी ईमानदारी और दिल से कहा था और जिनके बारे में कोई भी उनसे पूछ सकता है.
सचिन पायलट ने अपने बयान में क्या कहा था ?
गौरतलब है कि इससे पहले सचिन पायलट ने दौसा में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि “हम सब कांग्रेस के सिपाही हैं” और पार्टी के सभी नेताओं को मिलकर भाजपा के खिलाफ संघर्ष करना चाहिए. पायलट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के “मोहब्बत की दुकान” वाले संदेश का उल्लेख करते हुए संगठन की एकजुटता पर जोर दिया था.पायलट ने यह भी कहा था कि देश और राजस्थान के सामने कई बड़े मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुख बताया था.
गहलोत ने विश्वास जताया कि अब यह मुद्दा समाप्त हो जाएगा
पायलट ने यह भी कहा कि उन्होंने गहलोत का पूरा बयान सुना है और उसमें उनके प्रति स्नेह और आत्मीयता साफ दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अशोक गहलोत अपने पुत्र वैभव गहलोत के प्रति लगाव और स्नेह रखते हैं, उसी प्रकार का स्नेह और अपनापन उन्हें भी मिलता है. गहलोत ने विश्वास जताया कि अब यह मुद्दा समाप्त हो जाएगा और कांग्रेस परिवार पहले से अधिक मजबूती और एकजुटता के साथ आगे बढ़ेगा.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गहलोत और पायलट के बीच हाल के दिनों में सामने आए सकारात्मक बयानों से राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी को कम करने का संदेश गया है. आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों को देखते हुए दोनों नेताओं के नरम पड़ते तेवर पार्टी के लिए राहत भरे संकेत माने जा रहे हैं.
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