Rajasthan News: जयपुर। अंत्योदय के संकल्प की सिद्धि के लिए शुरू किए गए ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर अब 31 अगस्त तक आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन शिविरों की सफलता और लोकप्रियता को देखते हुए इनके संचालन की तिथि को 31 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला लिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की सातवीं बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिविरों के आगामी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
पेंडेंसी को जल्द से जल्द समाप्त करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने शिविरों में कार्यों की पेंडेंसी को लेकर कलक्टर्स और अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी तरह की पेंडेंसी को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। साथ ही, कोई भी काम नहीं किए जाने पर कारण स्पष्ट किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ आमजन के कार्यों को समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रास्तों और अतिक्रमण जैसे विवादों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द निपटाया जाए।

उन्होंने शिविरों में लाभ प्राप्त करने वाले लाभान्वितों का विवरण मोबाइल नंबर सहित दर्ज करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन के अनुभवों को भी एकत्रित किया जाए। साथ ही, फील्ड पर काम कर रहे अधिकारियों से सुझाव प्राप्त कर कार्यों को और अधिक सुगम बनाया जाए।
एक ही छत के नीचे हो रहे सभी कार्य
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील विजन में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का सकारात्मक असर देखने को मिला। शिविरों में एक ही छत के नीचे कई कार्य होने से आमजन में उत्साह नजर आया। प्रदेशभर में 12 जून से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित 19 हजार से अधिक शिविरों में आमजन तक उनका हक पहुंचाने के साथ ही वर्षों से लंबित प्रकरण भी तुरंत निस्तारित किए जा चुके हैं।
शहरी और ग्रामीण सेवा शिविर से इतने लोग लाभन्वित
शहरी सेवा शिविरों में 42 हजार से अधिक पट्टे जारी करने के साथ ही 13 हजार से अधिक नाम हस्तांतरण भी किए गए। वहीं, 1 लाख से अधिक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण, पालनहार योजना में 12 हजार से अधिक सत्यापन, 18 हजार से अधिक पीएम स्वनिधि ऋण आवेदन तथा 41 हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए। इसी प्रकार, 22 हजार से अधिक नई स्ट्रीट लाइट लगाने के साथ ही 67 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटों का सुधार किया गया। वहीं, 7 हजार से अधिक भवन मानचित्र प्रकरण, 27 हजार से अधिक कचरा संभावित केंद्रों का उन्मूलन किया गया एवं तीन हजार से अधिक सीवर कनेक्शनों की स्वीकृति भी जारी की गई।

इसी प्रकार ग्रामीण सेवा शिविरों में 1 लाख 97 हजार से अधिक नामांतरण, लगभग 48 हजार से अधिक पत्थरगढ़ी/सीमाज्ञान, 27 हजार से अधिक आपसी सहमति से विभाजन तथा 18 हजार से अधिक रास्तों के प्रकरणों का निस्तारण किया गया। साथ ही, लाखों राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण, पट्टों का वितरण, जाति, मूल निवास एवं हैसियत प्रमाण-पत्र जारी किए गए। इन शिविरों में लगभग 2 लाख किसानों का फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण किया गया।
ग्रामीण सेवा शिविरों में 25 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार, 11 लाख से अधिक की टीबी स्क्रीनिंग तथा साढ़े 4 लाख से अधिक महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग भी की गई। साथ ही, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत तीन लाख से अधिक एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 48 हजार से अधिक पॉलिसी वितरण किया गया। इस दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जनधन योजना एवं जन आधार से जुड़े हजारों मामलों का भी निस्तारण किया गया।
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