NEET Paper Leak Protest : पटना। बिहार में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए ‘लोक भवन मार्च’ को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, पानी की बौछार की और लाठीचार्ज किया, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारी छात्र भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के छात्र संगठन ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) के बैनर तले एकत्र हुए थे। उन्हें राज्यपाल आवास से करीब तीन किलोमीटर दूर गांधी मैदान के पास पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
भाकपा (माले) लिबरेशन के विधायक और आइसा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव संदीप सौरभ इस मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। सौरभ ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, हम मोदी सरकार को उसकी जिम्मेदारी का एहसास कराने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। हमारी मांग है कि जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दमन के बाद न केवल धर्मेंद्र प्रधान बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस्तीफा दें, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने उनके निर्देश पर कार्रवाई की थी।

पुलिस ने तत्काल यह पुष्टि नहीं की कि प्रदर्शन के सिलसिले में कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के प्रदर्शनकारी बुधवार को भी नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर डटे रहे। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जारी उनका आंदोलन दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आरोप हैं कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज भी किया। पुलिस की सख्त कार्रवाई के बावजूद भी बड़ी संख्या में छात्र वहां जुटे हुए थे। गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर के पास प्रतियोगिता परीक्षाओं में धांधली, दिल्ली में लाठीचार्ज के विरोध और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों ने राजभवन मार्च निकाला। जेपी गोलंबर पर पहले से तैनात पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी।
जब प्रदर्शनकारी छात्र नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे, तब पुलिस के साथ तीखी झड़प हो गई। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन से पानी की बौछारें कीं। इसके बाद भी जब छात्र पीछे नहीं हटे, तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।



