जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में आयोजित ‘सपनों की उड़ान-असंभव कुछ भी नहीं’ कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा तथा नवाचार देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने और आत्मविश्वास बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संकल्प, अनुशासन और परिश्रम के साथ नए विचारों को अपनाकर युवा अपने लिए नए अवसर तैयार कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के संदेशों को जीवन में अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता के क्षेत्र में अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।
सरकारी भर्तियों को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या बताया?
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य में सरकारी भर्ती और रोजगार से जुड़े आंकड़े साझा किए। सरकार के अनुसार, प्रदेश में 1 लाख 93 हजार पदों पर युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। वहीं, 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की बात कही गई। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी नौकरियों के साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन घोषणाओं के बीच अभ्यर्थियों की नजर आगामी भर्ती विज्ञप्तियों, पदों के वर्गीकरण, आवेदन की तारीखों और चयन प्रक्रिया से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर रहेगी।
पेपरलीक पर कार्रवाई और 410 परीक्षाओं का दावा
राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता का मुद्दा युवाओं के लिए महत्वपूर्ण रहा है। मुख्यमंत्री ने पेपरलीक के खिलाफ की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बताया कि पेपरलीक मामलों में अब तक 569 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार के अनुसार, प्रदेश में 410 परीक्षाएं बिना पेपरलीक के आयोजित कराई गईं। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और परीक्षा प्रणाली पर अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई जारी है। युवाओं के लिए निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करना और भर्ती संबंधी मामलों में जवाबदेही बनाए रखना इस दिशा में महत्वपूर्ण है। हालांकि, पेपरलीक से जुड़े मामलों, गिरफ्तार आरोपियों और परीक्षाओं के आंकड़ों का विस्तृत विवरण संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड से देखा जा सकता है।
निजी क्षेत्र में 5 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर
सरकारी नौकरियों के अलावा निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार ने प्रयासों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 5 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए कौशल प्रशिक्षण, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को तैयार करना और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। युवाओं को रोजगार के लिए केवल डिग्री तक सीमित न रहकर तकनीकी कौशल, डिजिटल क्षमताओं और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी ध्यान देने की जरूरत है। सरकार की कौशल विकास संबंधी योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
मुख्यमंत्री युवा सुयोग पोर्टल और राजस्थान युवा नीति
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए शुरू की गई पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री युवा सुयोग पोर्टल के माध्यम से युवाओं को अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं में नेतृत्व क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान युवा नीति लागू की गई है। इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा विकसित करने, रोजगार के अवसर तलाशने और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार की योजनाओं में कौशल विकास, रोजगार और नवाचार को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि युवा अपनी योग्यता के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें।
कौशल विकास के लिए 3.70 लाख युवाओं को प्रशिक्षण
राजस्थान में युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य कौशल नीति-2025 के तहत उद्योगों की जरूरतों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 3 लाख 70 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसका उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक और तकनीकी क्षमताओं से लैस करना है, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 144 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए हैं। तकनीकी शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 21 नए राजकीय पॉलिटेक्निक और 76 नए राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए जाने की जानकारी भी दी गई। सरकार के अनुसार, 220 सरकारी कॉलेज भवनों का निर्माण पूरा किया गया है। इन पहलों को शिक्षा और प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजस्थान में 5 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत
युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ-साथ उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, राजस्थान में 5 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इसके अलावा प्रदेश में 65 iStart लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य नए उद्यमों को प्रोत्साहित करना और युवाओं को अपने व्यावसायिक विचारों को आगे बढ़ाने के लिए सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है। स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं के लिए तकनीक, डिजिटल सेवाओं, नए उत्पादों और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर आधारित कारोबार के अवसर बन सकते हैं। ऐसे में प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और उद्यमिता से जुड़ी सुविधाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म से जुड़े 26 लाख से अधिक युवा
मुख्यमंत्री ने युवाओं की सामाजिक भागीदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि ‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। सरकार द्वारा साझा आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में इस प्लेटफॉर्म पर 26 लाख से अधिक युवा पंजीकृत हैं। वहीं, 1,700 से अधिक संस्थाएं इससे जुड़ी हुई हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को सामाजिक गतिविधियों, स्वयंसेवा और सामुदायिक भागीदारी से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से समाज और देश के विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
नशामुक्त राजस्थान के लिए अभियान पर जोर
कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक गतिविधियों में लगाने का आह्वान भी किया गया। मुख्यमंत्री ने नशामुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की। सरकार के अनुसार, प्रदेश के 350 से अधिक कॉलेजों में ‘नई किरण’ नशामुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं, ‘राज सवेरा’ पहल के तहत जिला चिकित्सालयों में नशामुक्ति वार्ड स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया। युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता, परामर्श और उपचार जैसी सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया गया। नशामुक्ति अभियान का उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और उन्हें शिक्षा, खेल, रोजगार तथा सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना है।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए 17 नए खेलो इंडिया केंद्र
राजस्थान में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहलों का उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू किए गए हैं। इसके अलावा सभी 41 जिला मुख्यालयों पर ‘एक जिला, एक खेल’ योजना के तहत अकादमियां संचालित किए जाने की जानकारी दी गई। प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान विकसित करने की घोषणा भी की गई है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम लागू की गई है। इन पहलों का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, अभ्यास और बेहतर खेल सुविधाओं के अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की। खेलों में भागीदारी से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने में मदद मिल सकती है।
विकसित भारत और विकसित राजस्थान में युवाओं की भूमिका
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं से विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नए विचारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। सरकार की ओर से रोजगार, कौशल विकास, शिक्षा, स्टार्टअप, खेल और नशामुक्ति से जुड़ी पहलों को युवाओं के समग्र विकास से जोड़ा गया है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। संवाद में युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अपने लक्ष्य तय करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
राजस्थान में युवाओं के लिए प्रमुख आंकड़े
- 1.93 लाख: सरकारी नियुक्तियां दिए जाने का दावा
- 1.18 लाख: जिन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है
- 70 हजार से अधिक: जिन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की बात कही गई
- 5 लाख: निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने का दावा
- 3.70 लाख: कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा
- 410: बिना पेपरलीक आयोजित कराई गई परीक्षाओं का सरकारी दावा
- 569: पेपरलीक मामलों में गिरफ्तार आरोपी
- 5 हजार से अधिक: राजस्थान में पंजीकृत स्टार्टअप
- 65: iStart लॉन्चपैड नेस्ट
- 26 लाख से अधिक: माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत युवा
- 350 से अधिक: नई किरण नशामुक्ति केंद्र वाले कॉलेज
- 17: नए खेलो इंडिया केंद्र



