Rajasthan News: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन पर चिंता जताते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार के मात्र 2 वर्षों में ही 8.4 लाख से अधिक स्कूल ड्रॉपआउट होना बेहद चिंताजनक है. इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब निजी स्कूलों में नामांकन सरकारी स्कूलों से आगे निकल गया है. यह प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की गिरती साख का सीधा प्रमाण है.
‘सरकारी स्कूलों ने 9.3 लाख से अधिक छात्र खो दिए’
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि विडंबना देखिए, इस अवधि में शिक्षकों की संख्या 7.8 लाख से बढ़कर 7.9 लाख से अधिक हुई, फिर भी कुप्रबंधन के कारण सरकारी स्कूलों ने 9.3 लाख से अधिक छात्र खो दिए. आज राजस्थान में सिर्फ स्कूलों की छतें ही नहीं गिर रहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा तंत्र पर जनता का जो बरसों पुराना विश्वास था, वो भी गिर रहा है.
राजस्थान की भाजपा सरकार के मात्र दो वर्षों में ही 8.4 लाख से अधिक स्कूल ड्रॉपआउट होना बेहद चिंताजनक है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब निजी स्कूलों में नामांकन सरकारी स्कूलों से आगे निकल गया है। यह प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की गिरती साख का सीधा प्रमाण है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 9, 2026
विडंबना देखिए, इस…
शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य करवाने का आरोप
उन्होंने शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य करवाने का आरोप लगाए हुए कहा कि स्कूलों का इन्फ्रास्ट्रक्चर दरकना, रिपेयरिंग ठप होना और शिक्षा में सुधार के बजाय पाठ्यक्रम का लगातार राजनीतिकरण करना ही इस पतन का कारण है. जब शिक्षा मंत्री का ध्यान शिक्षा छोड़कर बाकी सब जगह रहेगा, तो यही स्थिति होनी थी.
अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने अंग्रेजी मीडियम स्कूलों सहित जिस बेहतरीन सरकारी शिक्षा मॉडल को खड़ा किया था, उसे इस सरकार की अदूरदर्शिता ने पूरी तरह तबाह कर दिया है. मुख्यमंत्री जी, राजस्थान के नौनिहालों के इस छिनते भविष्य का जिम्मेदार कौन है?
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