नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 का ऐलान कर दिया। इस बार पुरस्कारों की सूची में एक खास बात सामने आई है। पिछले 12 साल में पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी भी खिलाड़ी को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया। इससे पहले 2014 में किसी खिलाड़ी को खेल रत्न नहीं दिया गया था।इस साल 17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। सूची में चेस, एथलेटिक्स और बैडमिंटन समेत कई खेलों के खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं। इनमें चेस खिलाड़ी दिव्या देशमुख और विदित गुजराती, एथलीट तेजस्विन शंकर और बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद और तृषा जॉली प्रमुख नाम हैं।
दिव्या देशमुख और विदित गुजराती को अर्जुन अवॉर्ड
चेस के क्षेत्र में भारत को गौरवान्वित करने वाली दिव्या देशमुख और विदित गुजराती को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। दिव्या ने 2025 में FIDE महिला विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की।विदित गुजराती भी लंबे समय से भारतीय चेस के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
गायत्री-तृषा की जोड़ी भी सम्मानित
बैडमिंटन में गायत्री गोपीचंद और तृषा जॉली को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। दोनों महिला डबल्स में भारत की प्रमुख जोड़ियों में रही हैं।गायत्री और तृषा ने 2025 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का महिला डबल्स खिताब भी जीता था। दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
तेजस्विन शंकर को भी अर्जुन अवॉर्ड
एथलेटिक्स के तेजस्विन शंकर को भी अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। तेजस्विन हाई जंप के साथ डेकाथलॉन में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में डेकाथलॉन में पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में एक खास उपलब्धि हासिल की थी। उनके प्रदर्शन को देखते हुए इस बार उन्हें अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है।
84 साल के फुटबॉल दिग्गज अरुमायनायगम को लाइफटाइम सम्मान
फुटबॉल के दिग्गज आई. अरुमायनायगम को अर्जुन अवॉर्ड की लाइफटाइम कैटेगरी में सम्मानित किया जाएगा। 84 वर्षीय अरुमायनायगम 1962 के जकार्ता एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय फुटबॉल टीम का हिस्सा रहे थे।राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की इस साल की सूची में खेल रत्न का न होना सबसे बड़ी चर्चा का विषय है। वहीं, 17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुने जाने से अलग-अलग खेलों में उनके योगदान और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।



