नई दिल्ली। दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म के ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद अब इसकी IMDb यूजर रेटिंग भी दिखाई नहीं दे रही है। इस मामले को लेकर फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने IMDb की रेटिंग प्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे अविश्वसनीय बताया है। संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “कल तक रेटिंग 9.5 थी। आज गायब हो गई। ऐसा नहीं है कि मैंने कभी IMDb रेटिंग पर भरोसा किया या उसे सच माना, लेकिन इससे साबित होता है कि यह सिस्टम कितना फर्जी है।”
IMDb से हट गई 9.5 रेटिंग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार तक ‘सतलुज’ IMDb पर 9.5 यूजर रेटिंग के साथ सबसे ज्यादा रेटिंग वाली भारतीय फिल्मों में शामिल थी। लेकिन अगले ही दिन फिल्म की रेटिंग IMDb से गायब हो गई। हालांकि, IMDb की ओर से अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि फिल्म की रेटिंग क्यों हटाई गई। फिल्म की टीम ने भी कहा है कि उन्हें इस बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी गई। फिल्म के को-राइटर नीरेन भट्ट ने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि IMDb रेटिंग हटाने की वजह क्या है। उन्होंने कहा कि फिल्म की रिलीज हटाए जाने और अब रेटिंग हटने जैसी सभी घटनाओं को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
चार साल तक सेंसर विवाद में फंसी रही फिल्म
‘सतलुज’ पहले ‘पंजाब 95’ नाम से बनाई गई थी। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। फिल्म को लंबे समय तक सेंसर सर्टिफिकेट का इंतजार करना पड़ा। फिल्म को लेकर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के साथ कई विवाद हुए। शुरुआत में फिल्म में बदलाव और कट की मांग की गई। बाद में निर्माताओं ने इन फैसलों को अदालत में चुनौती दी। फिल्म को 2023 के टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया जाना था, लेकिन इसे वहां से भी हटा दिया गया।
OTT से रिलीज के बाद क्यो हटा दी गई फिल्म?
कई सालों की देरी के बाद फिल्म का नाम बदलकर ‘सतलुज’ किया गया था और इसे 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया। लेकिन रिलीज के कुछ ही दिनों बाद फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को हटाने के पीछे सुरक्षा कारणों और सूचना प्रौद्योगिकी नियमों का हवाला दिया गया था। हालांकि इस मामले में आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई।
फिल्म टीम ने दिया बयान
फिल्म के को-राइटर नीरेन भट्ट ने फिल्म हटाए जाने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी को फिल्म से समस्या है तो इस पर खुलकर बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना स्पष्ट कारण बताए किसी फिल्म को हटाना सही प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म की टीम अब कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी कर रही है। उनके मुताबिक अगर किसी हिस्से पर आपत्ति है तो उसे कानूनी प्रक्रिया के जरिए सामने रखा जाना चाहिए ताकि निर्माता भी अपना पक्ष रख सकें।
‘सतलुज’ को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस
फिल्म की IMDb रेटिंग हटने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। कई यूजर्स ने फिल्म की पुरानी रेटिंग के स्क्रीनशॉट शेयर किए और कहा कि फिल्म को लेकर लोगों की राय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं कुछ लोगों ने IMDb की रेटिंग प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल ‘सतलुज’ को लेकर विवाद जारी है। एक तरफ फिल्म की टीम रिलीज और रेटिंग से जुड़े फैसलों पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी तरफ IMDb और संबंधित संस्थाओं की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



