जोधपुर। नाबालिग से यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराए गए आसाराम की पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद मंगलवार रात जोधपुर जेल पहुंचने की खबर सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, वह रात करीब 10 बजे एयरपोर्ट से जेल पहुंचा, लेकिन देर रात जेल प्रशासन ने उसे प्रवेश नहीं दिया। इससे पहले उसे निर्धारित समय तक जेल में सरेंडर करना था। जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह के अनुसार, आसाराम को शाम 5 बजे तक सरेंडर करना था। आग्रह पर उसे शाम 7:30 बजे तक की मोहलत दी गई थी। जेल प्रशासन के मुताबिक, नियमानुसार रात में बंदी को प्रवेश नहीं दिया गया। अब उसके बुधवार को जेल में सरेंडर करने की संभावना जताई गई।
पैरोल की अवधि खत्म, रात में जेल पहुंचा आसाराम
आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से 20 दिन की पैरोल मिली थी। मंगलवार को पैरोल का अंतिम दिन था। रिपोर्ट के मुताबिक, वह दो दिन पहले हृदय संबंधी परेशानी के उपचार के लिए उज्जैन गया था। मंगलवार शाम तक सरेंडर नहीं करने के बाद वह एयर एंबुलेंस से जोधपुर पहुंचा। इसके बाद जेल में प्रवेश नहीं मिलने पर उसके आश्रम या अस्पताल जाने की संभावना जताई गई। हालांकि, उसके आगे के ठिकाने की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पैरोल बढ़ाने की याचिका पर नहीं मिली राहत
आसाराम की पैरोल अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मंगलवार को इस मामले के साथ उसकी सजा के खिलाफ अपील पर भी सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई आसाराम के पैरोल समाप्त होने के बाद जेल में सरेंडर करने पर ही होगी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 6 नवंबर की तारीख निर्धारित की।
जोधपुर हाईकोर्ट में भी पैरोल याचिका
आसाराम की ओर से जोधपुर हाईकोर्ट में भी पैरोल के मामले में शीघ्र सुनवाई की मांग की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर की तारीख तय की थी। पैरोल बढ़ाने की मांग और सजा के खिलाफ अपील दोनों मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।
सरेंडर नहीं करने पर क्या हो सकती है कार्रवाई?
जेल नियमों के अनुसार, पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद निर्धारित समय पर वापस नहीं लौटने वाले बंदी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। परिस्थितियों के आधार पर मामला दर्ज कराने जैसी कार्रवाई भी संभव है। आसाराम के मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, यह जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगा। उसके बुधवार को सरेंडर करने की संभावना जताई गई थी।
2018 में सुनाई गई थी आजीवन कारावास की सजा
नाबालिग से यौन शोषण के मामले में आसाराम को वर्ष 2013 में गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2018 में जोधपुर की अदालत ने उसे प्राकृतिक जीवन तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ उसकी अपील लंबित है।



