Asaram News: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. आसाराम ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत देने की मांग की है. सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जमानत अर्जी का विरोध किया. उन्होंने कहा कि आसाराम की हालत इतनी गंभीर नहीं है कि उन्हें इलाज के लिए अंतरिम जमानत दी जाए.
राज्य सरकार की रिपोर्ट के आधार पर होगा फैसला
तुषार मेहता ने बताया कि आसाराम ने करीब 3 महीने पहले अयोध्या और काशी विश्वनाथ की यात्रा की थी. उन्होंने अदालत से कहा कि यात्रा में आसाराम पैदल चले थे. सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि वह जमानत के बारे में फैसला राज्य सरकार की रिपोर्ट के आधार पर देगी. अदालत ने साफ कहा कि यदि राज्य सरकार स्वास्थ्य के आधार पर जमानत की आवश्यकता नहीं बताती, तो जमानत नहीं दी जाएगी. अदालत ने साथ ही कहा कि यदि स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो तो किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सीमित अवधि की अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है.
21 जुलाई को होगी सुनवाई
शीर्ष अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. आसाराम की अंतरिम जमानत पर फैसला अब सरकार की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा. मामले की अगली 21 जुलाई को होगी.
आजीवन कारावास की सजा काट रहा आसाराम
आसाराम को 2013 में जोधपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था. इस मामले में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. हाईकोर्ट ने भी उनकी सजा को बरकरार रखा था. तब से आसाराम जेल में सजा काट रहा है.
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