लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है और सरकार असहमति की आवाजों को दबाने का काम कर रही है। अखिलेश यादव ने खास तौर पर बुलंदशहर में सपा के कार्यक्रम और हेलीपैड की अनुमति नहीं मिलने, पत्रकारों पर कथित कार्रवाई, प्रयागराज में TET छात्रों के प्रदर्शन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय, आरक्षण और महंगाई जैसे मुद्दों को उठाया।
बुलंदशहर में कार्यक्रम की अनुमति को लेकर सवाल
सपा प्रमुख ने बुलंदशहर में प्रस्तावित पार्टी कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी संगठन की ओर से कार्यक्रम की तैयारी की गई थी। उनके मुताबिक, पार्टी के पदाधिकारी जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में थे और शुरुआत में कार्यक्रम के लिए अनुमति मिलने का भरोसा दिया गया था। अखिलेश यादव के अनुसार, बाद में प्रशासन की ओर से सावन के दौरान कार्यक्रम आयोजित करने में परेशानी का हवाला देते हुए तारीख आगे बढ़ाने को कहा गया। उन्होंने कहा कि तारीख में बदलाव के बावजूद कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं मिली। उन्होंने हेलीपैड की अनुमति का मुद्दा भी उठाया। अखिलेश के मुताबिक, प्रशासन ने रिजर्व पुलिस लाइंस ग्राउंड में पानी भरे होने को अनुमति नहीं देने का कारण बताया। इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति को इस तरह बताया गया जैसे वहां बहुत ज्यादा बाढ़ आ गई हो और वहां नाव से जाना पड़े।
पत्रकारों और लोकतांत्रिक अधिकारों पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर कोई पत्रकार सरकार के खिलाफ या सरकार की नीतियों पर सच्ची खबर दिखाता है तो उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में ऐसी सरकार देखने को मिल रही है जो लोकतांत्रिक मूल्यों को महत्व नहीं दे रही है। सपा प्रमुख ने शिक्षक दिवस के दौरान कार्यकर्ताओं को बच्चों के बीच जाने से रोके जाने का भी मुद्दा उठाया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
प्रयागराज के TET छात्रों के प्रदर्शन पर भी निशाना
अखिलेश यादव ने प्रयागराज में TET छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस का इस्तेमाल किया गया। सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार को छात्रों और युवाओं की समस्याओं को सुनना चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से उनकी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए।
आरक्षण और महंगाई पर BJP को घेरा
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर आरक्षण को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP महिलाओं के आरक्षण के साथ-साथ पिछड़े, दलित और आदिवासी वर्गों के आरक्षण के मुद्दे पर भी गंभीर नहीं है। उन्होंने महंगाई को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि बढ़ती कीमतें सरकार के लिए कोई बड़ा मुद्दा नहीं हैं।
आंगनवाड़ी मानदेय का मुद्दा उठाया
सपा प्रमुख ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय और उनकी समस्याओं को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार पिछले कई वर्षों में उनकी मांगों को पूरा करने में सफल नहीं रही है।
आकाश आनंद के मामले पर क्या बोले अखिलेश?
आकाश आनंद से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने इसे संबंधित पार्टी का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी फैसला हुआ है, वह उस पार्टी का अपना आंतरिक निर्णय है।
सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने प्रदेश और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों ने अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। इसी दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर राजनीतिक तंज भी कसा और मुख्यमंत्री के राजनीतिक प्रचार-प्रसार तथा खर्चों को लेकर सवाल उठाए।
‘जनता सब देख रही है’, जांच की दी चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर वह सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, उनकी भविष्य में जांच की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है और आने वाले समय में इन मामलों पर जवाबदेही तय होगी। अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुलंदशहर कार्यक्रम, हेलीपैड अनुमति, पत्रकारों पर कार्रवाई, TET छात्रों, आरक्षण, महंगाई और आंगनवाड़ी मानदेय जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उनके बयानों से एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सियासत में सपा बनाम BJP की राजनीतिक टकराहट तेज होने के संकेत मिले हैं।



