अजमेर। राजस्थान के अजमेर में पंचायत चुनाव की ईवीएम की सुरक्षा में तैनात राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) के जवान नरेंद्र गोदारा की गोली लगने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, अजमेर के पॉलीटेक्निक कॉलेज में पंचायत चुनाव से संबंधित ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। इन मशीनों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों और RAC जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। RAC जवान नरेंद्र गोदारा शाम करीब 5 बजे ड्यूटी पर पहुंचा था। पुलिस के अनुसार, इसके लगभग 15 मिनट बाद यानी शाम करीब सवा 5 बजे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। दूसरे स्ट्रांग रूम में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक जवान ने गोली की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचा। वहां नरेंद्र गोदारा जमीन पर पड़ा मिला और उसकी सर्विस राइफल पास में थी। घटना की जानकारी मिलते ही दूसरे जवान ने अपने अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
पुलिस अधीक्षक ने क्या बताया?
अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि मृतक नरेंद्र गोदारा वर्ष 2018 बैच का RAC जवान था और टोंक में RAC की ए कंपनी में तैनात था। पंचायत चुनाव की ईवीएम की सुरक्षा के लिए उसकी ड्यूटी अजमेर के पॉलीटेक्निक कॉलेज में लगाई गई थी। पुलिस के अनुसार, जवान की मौत गोली लगने से हुई है। हालांकि, गोली किन परिस्थितियों में चली, इसकी जांच की जा रही है। घटना के बाद आदर्श नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस ने घटना को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया शव
घटना के बाद नरेंद्र गोदारा के शव को एंबुलेंस से जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल, अजमेर की मोर्चरी में पहुंचाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया जाना प्रस्तावित था। पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक जांच की प्रक्रिया से मौत से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। पुलिस मामले की जांच के साथ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जवान के परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।
RAC जवान नरेंद्र गोदारा का परिवार
नरेंद्र गोदारा का परिवार मूल रूप से मेड़ता रोड क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। परिवार में उसकी पत्नी अजमेर पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है। उसका एक भाई ग्वालियर में एयरफोर्स में है। नरेंद्र के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। परिवार से जुड़ी जानकारी के अनुसार, नरेंद्र और उसकी पत्नी ने करीब एक महीने पहले पुलिस लाइन के पास भोपों का बाड़ा क्षेत्र में किराए पर कमरा लिया था। बताया गया है कि परिवार ने पांच दिन पहले ही नई कार भी खरीदी थी। नरेंद्र की एक साल की बेटी है। जवान की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हादसा या आत्महत्या? पुलिस जांच में जुटी
इस घटना में सबसे अहम सवाल यह है कि जवान की सर्विस राइफल से गोली किन परिस्थितियों में चली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गोली उसकी ठोड़ी में लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि गोली दुर्घटनावश चली या मामला आत्महत्या का है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पुलिस घटना की परिस्थितियों, घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों और अन्य जरूरी तथ्यों की जांच कर रही है। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के परिणाम और आधिकारिक बयान महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल घटना को लेकर किसी भी तरह की अटकल लगाने से बचना जरूरी है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम से जुड़े निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पंचायत चुनाव की ईवीएम की सुरक्षा के दौरान घटना
अजमेर के पॉलीटेक्निक कॉलेज में पंचायत चुनाव की ईवीएम को स्ट्रांग रूम में रखा गया है। चुनावी प्रक्रिया में ईवीएम की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती है और इसके लिए निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत जवानों की तैनाती की जाती है। इसी सुरक्षा ड्यूटी के दौरान RAC जवान की मौत की घटना सामने आई है। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जवान की ड्यूटी चुनाव से जुड़ी संवेदनशील सुरक्षा व्यवस्था में लगी थी। हालांकि, घटना और चुनावी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किसी अन्य संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अजमेर पुलिस की जांच पर टिकी नजर
RAC जवान नरेंद्र गोदारा की मौत के मामले में अब पुलिस जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। गोली चलने की परिस्थितियों, घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।



