Thursday, July 2, 2026
HomeIndiaव्हाट्सऐप के बाद टेलीग्राम और सिग्नल के यूजरनेम फीचर पर सरकार की...

व्हाट्सऐप के बाद टेलीग्राम और सिग्नल के यूजरनेम फीचर पर सरकार की नजर, मांगी गई जानकारी

नई दिल्ली। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम आधारित पहचान को लेकर सरकार ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है। व्हाट्सऐप के बाद अब टेलीग्राम और सिग्नल से भी उनके यूजरनेम फीचर से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई है। सरकार यह समझना चाहती है कि यह सुविधा किस तरह काम करती है और इससे साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा फर्जी पहचान जैसी चुनौतियों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

यूजरनेम फीचर का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को बिना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से जुड़ने की सुविधा देना है। इससे गोपनीयता बढ़ने की संभावना है, लेकिन सरकार का मानना है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए गए तो इस सुविधा का गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है। विशेष रूप से किसी व्यक्ति, संस्था या सरकारी विभाग से मिलते-जुलते नाम का उपयोग कर लोगों को भ्रमित करने की आशंका जताई जा रही है। सरकार ने संबंधित कंपनियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे फर्जी प्रोफाइल, पहचान की नकल, साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए कौन-कौन से सुरक्षा तंत्र लागू करती हैं।

साथ ही यह भी पूछा गया है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की प्रक्रिया क्या होगी और संदिग्ध खातों की पहचान कैसे की जाएगी। हाल के वर्षों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फर्जी पहचान बनाकर लोगों से पैसे ठगने, सरकारी अधिकारी बनकर संपर्क करने और बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल करने जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सरकार चाहती है कि नई तकनीकी सुविधाएं शुरू करने से पहले उनके संभावित जोखिमों का भी आकलन किया जाए।

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यूजरनेम आधारित पहचान उपयोगकर्ताओं की निजता को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम हो सकती है, लेकिन इसके साथ मजबूत सत्यापन प्रणाली, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और त्वरित शिकायत निवारण व्यवस्था भी जरूरी है। यदि सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं होंगे तो इस सुविधा का दुरुपयोग बढ़ सकता है।

सरकार और तकनीकी कंपनियों के बीच इस विषय पर बातचीत जारी रहने की संभावना है। माना जा रहा है कि भविष्य में ऐसे फीचर्स के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार किए जा सकते हैं, ताकि उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और साइबर सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके। आने वाले समय में कंपनियों के जवाब और सरकार की समीक्षा के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image