Rohit Godara Gang: राजस्थान, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में फिरौती, अपहरण, धमकी और फायरिंग जैसी वारदातों से जुड़े गैंगस्टर रोहित गोदारा पर राजस्थान एटीएस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. एटीएस के एडीजी दिनेश एमएन ने रोहित गोदारा और उसके नेटवर्क को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि गोदारा भले ही विदेश में है, लेकिन उसके नेटवर्क को खत्म करने लिए कार्रवाई जारी रहेगी.
‘नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई रहेगी जारी’
एडीजी दिनेश एमएन ने कहा कि रोहित गोदारा सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में वांटेड अपराधी है. उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश में मौजूद आरोपी को गिरफ्तार करना आसान नहीं होता और इसमें कई कानूनी व अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां होती हैं. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान में उसके पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है.

गैंग के 5-6 मॉड्यूल पकड़े जा चुके
ADG के मुताबिक, अब तक रोहित गोदारा गैंग के 5 से 6 मॉड्यूल पकड़े जा चुके हैं.कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में हथियार भी बरामद किए गए हैं. उन्होंने कहा कि एटीएस का उद्देश्य गैंग को फायरिंग, हत्या और रंगदारी जैसी वारदातों को रोकना है. जिन लोगों को गैंग की ओर से धमकियां मिल रही हैं, उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ गैंग की मदद करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है.
अमेरिका में भी बड़ी कार्रवाई
बता दें कि हाल ही में US डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत भारतीय मूल के अंतरराष्ट्रीय ऑर्गेनाइज्ड क्राइम नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा और जग्गू भगवानपुरिया समेत 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के तहत अब तक 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें से 11 गिरफ्तारियां कैलिफोर्निया में हुई हैं. जबकि 10 आरोपी अभी भी फरार हैं. इनमें 7 अमेरिका, 2 भारत और एक यूरोप में होने की जानकारी भी सामने आई है. जांच एजेंसियों का कहना है कि ये नेटवर्क हत्या,जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य कई गंभीर अपराधों में शामिल रहा है.

राजस्थान में लगातार धमकी देने के मामले आ रहे सामने
हाल ही में झुंझुनूं जिले की पिलानी पुलिस ने रोहित गोदारा गैंग से जुड़े विकास उर्फ दुबे को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पिलानी के एक कॉलेज संचालक से 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. उसने कथित तौर पर वॉइस मैसेज भेजकर खुद को रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताते हुए रकम की मांग की थी.
राजस्थान एटीएस का कहना है कि राज्य में रोहित गोदारा गैंग और उसके सहयोगियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. एजेंसियां गैंग की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उसके नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में कार्रवाई कर रही हैं.
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