जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 का इंतजार आज खत्म हो गया। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। प्रदेश में इस बार नगर निकाय चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण का मतदान 9 सितंबर 2026 को और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर 2026 को होगा। दोनों चरणों की मतगणना और चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद नगर निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव 21 सितंबर और उपाध्यक्ष पद के चुनाव 22 सितंबर को होंगे।
इस चुनाव में प्रदेश के 309 नगरीय निकायों और 10 नगर निगमों में मतदान कराया जाएगा। कुल 10,245 वार्डों में होने वाले चुनाव में करीब 1.44 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में सबसे अधिक मतदाता हैं, जहां 24 लाख से ज्यादा मतदाता बताए गए हैं। चुनावी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए करीब 1.15 लाख चुनावी कर्मचारियों और लगभग 98,790 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
आचार संहिता लागू होते ही बदलेगा प्रशासनिक कामकाज
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही नगरीय निकाय क्षेत्रों में सरकारी घोषणाओं, नई विकास योजनाओं और ऐसे कार्यों पर निर्वाचन नियमों के तहत रोक रहेगी, जिनसे मतदाताओं को प्रभावित करने की संभावना हो। चुनाव से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी भी निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्य करेंगे।
सरकारी विश्राम गृहों, डाक बंगलों और अन्य सरकारी परिसरों के इस्तेमाल को लेकर भी निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद निर्वाचन से जुड़े सरकारी अधिकारियों के मंत्रियों के दौरे के दौरान स्वागत या प्रोटोकॉल में शामिल होने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
चुनावी तैयारियां पहले ही पूरी करने में जुटा प्रशासन
नगरीय निकाय चुनाव से पहले वार्डों और प्रमुख पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। वार्डों के वर्गवार और महिला आरक्षण के लिए 17 अगस्त को लॉटरी निकाली गई थी। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। अब प्रत्याशियों के चयन, टिकट वितरण और चुनावी रणनीति को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गतिविधियां तेज होने की संभावना है। दो चरणों में होने वाले मतदान के बाद 14 सितंबर को परिणाम आने के साथ नगरीय निकाय चुनाव की तस्वीर साफ हो जाएगी।



