जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रचार को लेकर कई महत्वपूर्ण नियम जारी किए हैं। आयोग की अधिसूचना में प्रचार के दौरान वाहनों, लाउडस्पीकर, कटआउट, होर्डिंग, पोस्टर और बैनर के इस्तेमाल के साथ चुनावी खर्च की सीमा भी तय की गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव की अधिसूचना जारी होने से लेकर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रचार या चुनाव से संबंधित यात्रा के लिए बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर और पशुचालित वाहनों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा उम्मीदवारों के लिए अन्य वाहनों की संख्या भी निर्धारित की गई है। नगर निगम पार्षद के चुनाव में अधिकतम तीन, नगर परिषद पार्षद के चुनाव में दो और नगरपालिका सदस्य के चुनाव में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
वाहन के इस्तेमाल से पहले प्रत्याशी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को वाहन की संख्या, प्रकार और चालक की जानकारी कम से कम 24 घंटे पहले देनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही वाहन का इस्तेमाल किया जा सकेगा और संबंधित वाहन पर अनुमति का प्रदर्शन भी करना होगा। एक चुनाव में निर्धारित सीमा से अधिक वाहनों का काफिला निकालने की अनुमति नहीं होगी।
लाउडस्पीकर के लिए भी तय समय
चुनाव प्रचार में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी सख्ती की गई है। चुनाव कार्यालय में लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूरी तरह रोक रहेगी। मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले तथा अस्पताल, विद्यालय और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही निर्धारित अनुमति के अनुसार लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकेगा। इसके लिए प्रत्याशी को लिखित रूप में स्थान और उपयोग का विवरण देना होगा।
कटआउट, होर्डिंग, पोस्टर और बैनर लगाने के लिए भी संबंधित स्थानीय प्राधिकरण या सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति आवश्यक होगी। मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में प्रचार सामग्री प्रदर्शित नहीं की जा सकेगी। मतदान के दिन उम्मीदवार द्वारा लगाए जाने वाले बैनर का आकार भी सीमित रखा गया है।
चुनावी खर्च की सीमा तय
आयोग ने प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की है। नगर निगम पार्षद के लिए 3.50 लाख रुपये, नगर परिषद पार्षद के लिए 2.50 लाख रुपये और नगरपालिका सदस्य के लिए 1.50 लाख रुपये तक खर्च किया जा सकेगा। प्रत्याशी को चुनाव खर्च का पूरा लेखा निर्धारित प्रपत्र में परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या अधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी नियमों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा। शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी जांच कर सकते हैं और नियम तोड़े जाने की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



