FBI Operation Hard Ball : वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका, कनाडा और यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर भारत से जुड़े संगठित अपराधी गिरोहों से संबंध रखने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कार्रवाई का फोकस लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार का नाम कई गंभीर मामलों में सामने आया है। इनमें वर्ष 2023 में कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की कथित साजिश का मामला भी शामिल है। इसी मामले को आधार बनाकर अमेरिका अब भारत से लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग करने की तैयारी कर रहा है।
कनाडा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बयान में कहा कि अमेरिका, लॉरेंस बिश्नोई पर मुकदमा चलाने के लिए भारत से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध कर सकता है। फिलहाल बिश्नोई भारत की जेल में बंद है। हालांकि, कनाडाई अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि निज्जर हत्याकांड की जांच में अब तक भारत सरकार के किसी अधिकारी की संलिप्तता का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। यह बयान पहले लगाए गए आरोपों से अलग माना जा रहा है और मामले को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

निज्जर हत्याकांड: लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार पर हत्या की साजिश का आरोप
अमेरिका के संघीय अभियोजकों ने भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (33) और उसके करीबी सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ (32) पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आदेश देने का आरोप लगाया है। वर्ष 2023 में कनाडा के सरे शहर स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारे की पार्किंग में दो नकाबपोश हमलावरों ने गोली मारकर निज्जर की हत्या कर दी थी।
जांच एजेंसियों का दावा है कि इस हत्याकांड के तार लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार गैंग से जुड़े हो सकते हैं। गोल्डी बरार फिलहाल कई मामलों में वांछित है और फरार चल रहा है, जबकि लॉरेंस बिश्नोई वर्ष 2015 से भारत की विभिन्न जेलों में बंद है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, उगाही और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। भारत के अलावा कनाडा और अन्य देशों में भी बिश्नोई गैंग का नाम धमकी, उगाही और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ता रहा है। पिछले वर्ष कनाडा ने बिश्नोई गैंग को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल कर दिया था, जिसके बाद इस नेटवर्क पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई तेज हो गई।
ऑपरेशन हार्ड बॉल: अमेरिका, कनाडा और यूरोप की संयुक्त कार्रवाई में 24 गिरफ्तार
अमेरिका, कनाडा और यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा कसा है। इस अभियान में एफबीआई, लॉस एंजिल्स पुलिस, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) और कई यूरोपीय एजेंसियों ने मिलकर सैकड़ों ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि लगभग 1,000 किलोग्राम कोकीन, बड़ी मात्रा में नकदी और हथियार भी जब्त किए गए। अमेरिकी संघीय अभियोजकों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों के संबंध भारत-आधारित संगठित अपराध समूहों से बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कुल 37 आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग संघीय आरोप-पत्र (Federal Indictments) दाखिल किए गए हैं। इन पर हत्या की साजिश, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क के पूरे अंतरराष्ट्रीय तंत्र की पड़ताल जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
आरोप-पत्र में बिश्नोई गैंग पर गंभीर आरोप
संघीय आरोप-पत्र के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि गैंग हाई-प्रोफाइल घटनाओं का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने और जबरन वसूली को बढ़ावा देता है। आरोप-पत्र में यह भी कहा गया है कि कनाडा में कई प्रसिद्ध गायकों और अभिनेताओं के घरों पर गोलीबारी जैसी वारदातों के पीछे भी गैंग का हाथ बताया गया है।



