Sunday, May 17, 2026
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Acharya Pramod Krishnam: कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद बोले आचार्य प्रमोद कृष्णम,’राम और ‘राष्ट्र’ पर ‘समझौता’ नहीं किया जा सकता’

नई दिल्ली, कांग्रेस ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयान के आरोप में अपने नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम को पार्टी से निष्कासित कर दिया है,कांग्रेस से निष्कासित किए जाने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है,उन्होंने अपने निष्कासन पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की ‘राम और राष्ट्र’ पर समझौता नहीं किया जा सकता,इस पोस्ट को करते वक्त उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भी टैग किया,बता दें कि कांग्रेस ने 10 फरवरी को आचार्य प्रमोद कृष्णम को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।

प्रमोद कृष्णम के निष्कासन पर बोले कांग्रेस महासचिव

आचार्य प्रमोद कृष्ण के निष्कासन पर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी प्रतिक्रिया दी,उन्होंने कि अनुशासनहीनता की शिकायत और पार्टी के खिलाफ बार-बार बयानबाजी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रमोद कृष्णम को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने के उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है ।

पीएम मोदी से की थी मुलाकात

आपको यहां बता दे कि कृष्णम ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर ‘श्री कल्कि धाम’ के शिलान्यास समारोह के लिए उन्हें आमंत्रित किया था, लेकिन इससे पहले भी वह लंबे समय से कांग्रेस की विचारधारा से अलग बयान देकर चर्चा में बने रहे. कांग्रेस के पूर्व नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी,इसके साथ ही राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी आचार्य प्रमोद कृष्णम अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे जिसके चलते उनपर ये आरोप लगते रहे कि वह पार्टी लाइन से अलग जा रहे हैं और वह लगातार पार्टी हाईकमान से फैसले पर सवाल उठा रहे थे

राहुल गांधी पर साधा था निशाना

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा था कि वह राहुल गांधी से एक साल से मिलना चाहते हैं लेकिन उनसे वार्ता नहीं हो रही है। हो सकता है वह व्यस्त हो। यात्रा करते रहते हैं वो हो सकता है कि ज्यादा किसी से मिलना पसंद नहीं हो उन्हें। इसके पीछे वजह यह भी हो सकती है कि मेरा संदेश शायद उन तक नहीं पहुंचाया जा रहा है। राहुल गांधी व्यस्त रहते हैं । वे थोड़ा कम मिलते हैं, उनका मिलने
का स्वभाव नहीं है। राहुल गांधी के पास जब समय होगा तभी मिलेंगे। शायद उन्हें लगता होगा की इनसे मिलना समय की बर्बादी है।

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