नई दिल्ली। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी के निधन और उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने को लेकर रविवार को सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आए। कुछ पोस्ट में कहा गया कि दीपके अपनी दादी की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो पाए, जबकि कुछ खबरों में उनके एयरपोर्ट के लिए रवाना होने और अंतिम संस्कार में पहुंचने की संभावना जताई गई। हालांकि, बाद में सामने आई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी दादी का अंतिम संस्कार रविवार सुबह हो गया और दीपके उसमें शामिल नहीं हो सके।
85 वर्षीय सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उसी दिन CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके को पुलिस ने एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उनके परिवार की ओर से उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने देने की अपील किए जाने की खबरें सामने आईं।
सोशल मीडिया पर क्यों बनी रही असमंजस की स्थिति?
रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और अन्य जगहों पर दीपके के अंतिम संस्कार में शामिल होने को लेकर अलग-अलग दावे वायरल हुए। कुछ पोस्ट में परिवार के इंतजार करने और अंतिम संस्कार रोकने की बात कही गई, तो कुछ रिपोर्टों में दीपके के महाराष्ट्र लौटने की तैयारी का जिक्र था। बाद की खबरों में बताया गया कि दीपके रिहा होने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के आवास से अपने घर के लिए रवाना हुए। उन्होंने कहा कि वह अपनी दादी के निधन के बाद परिवार के साथ रहना चाहते हैं। उनके परिवार का आरोप है कि समय पर रिहाई नहीं होने के कारण वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके।
परिवार ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके और परिवार के अन्य सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस से बार-बार उन्हें छोड़ने की अपील की, ताकि वह अपनी दादी की अंतिम यात्रा में शामिल हो सकें। परिवार के मुताबिक, जब तक उनकी रिहाई हुई, तब तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से अलग पक्ष सामने आया। पुलिस के मुताबिक, दीपके को उनकी दादी के निधन और अंतिम संस्कार के निर्धारित समय की जानकारी दी गई थी। पुलिस ने मानवीय आधार पर उन्हें घर लौटने के लिए यात्रा संबंधी सहायता देने की बात भी कही, लेकिन उन्होंने इसका लाभ नहीं लिया। इस मामले में परिवार और पुलिस के बयानों में अंतर है।
हिरासत से रिहा होने के बाद महाराष्ट्र के लिए रवाना हुए दीपके
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, रिहाई के दौरान एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण की शर्त रखी गई थी।
इसके बाद दीपके कपिल सिब्बल के आवास से निकले और परिवार के पास जाने की बात कही। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए।
फिलहाल, उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के आधार पर अभिजीत दीपके के अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की पुष्टि नहीं होती। सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट जाने और अंतिम संस्कार में पहुंचने को लेकर जो दावे किए गए, उन्हें पुष्ट तथ्य मानने से पहले आधिकारिक बयान या प्रत्यक्ष पुष्टि जरूरी है।



