पलवल। हरियाणा के पलवल जिले के राजपुरा गांव में 25 वर्षीय महिला और उसके करीब डेढ़ माह के बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मां-बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पति समेत 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान सगुफ्ता के रूप में हुई है, जबकि उसके बेटे का नाम जुहान बताया गया है। दोनों के शव गुरुवार को उनके घर में मिले। प्रारंभिक जांच में महिला और बच्चे के गले पर निशान पाए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि दोनों की गला दबाकर हत्या की गई हो सकती है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले में महिला के पति 27 वर्षीय सोहिल खान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद उसने घर की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर भागने की कोशिश की, लेकिन पैर में चोट लगने के कारण घायल हो गया।
मृतका के परिवार ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज को लेकर सगुफ्ता को परेशान कर रहा था। बच्चे के जन्म के बाद एक समारोह के दौरान कथित तौर पर एसयूवी वाहन की मांग दोबारा रखी गई। परिवार का आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर सगुफ्ता के साथ मारपीट भी की गई। परिजनों के अनुसार, 15 अगस्त को सोहिल कथित तौर पर सगुफ्ता को उसके मायके छोड़ गया और कहा कि एसयूवी की व्यवस्था होने के बाद ही वह वापस आए। इसके बाद गांव में पंचायत हुई। परिवार का दावा है कि समझौते के तहत एक एसी और 50 हजार रुपये दिए गए, जिसके बाद सगुफ्ता 17 अगस्त को ससुराल लौट गई।
अगले ही दिन सगुफ्ता ने अपने परिवार से फोन पर संपर्क कर फिर से मारपीट किए जाने की बात बताई थी। उसने अपने और बच्चे की सुरक्षा को लेकर डर भी जताया था। इसके बाद गुरुवार को मायके वालों को दोनों की मौत की सूचना मिली। पुलिस ने पति, उसके माता-पिता, भाई-बहनों, अन्य रिश्तेदारों और गांव के सरपंच सहित 11 लोगों को नामजद किया है। मामले में हत्या, आपराधिक साजिश, दहेज मृत्यु, पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
मृतका के परिवार ने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की मांग की है। परिवार ने यह भी अनुरोध किया है कि पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड में महिला डॉक्टर को शामिल किया जाए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



