कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में ऋषभ पंत की फिटनेस को लेकर चिंता बढ़ गई है। पंत ने मैच के पहले दिन बल्लेबाजी के दौरान चोट लगने के बाद मैदान छोड़ा था। हालांकि, इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए शानदार बल्लेबाजी की और 63 रन बनाए, लेकिन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालने के लिए वह मैदान पर नहीं उतरे। उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेट के पीछे मोर्चा संभाला।
भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने पंत की स्थिति को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंत के कंधे पर चोट का असर है और वह बुरी तरह चोटिल है। मंगलवार को अभ्यास के दौरान भी पंत के कंधे की हरकत सामान्य नहीं थी। इसी वजह से टीम ने उन्हें विकेटकीपिंग से दूर रखने का फैसला किया।
पंत के लिए यह चोट उस समय चिंता का विषय बनी, जब वह मैच के शुरुआती दिन श्रीलंकाई गेंदबाज की गेंद पर चोटिल हो गए थे। चोट के बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। हालांकि, अगले दिन उन्होंने दोबारा बल्लेबाजी की और ध्रुव जुरेल के साथ अहम साझेदारी करते हुए भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
भारत ने अपनी पहली पारी में 500 से ज्यादा रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। पंत की बल्लेबाजी में आक्रामकता नजर आई, लेकिन विकेटकीपिंग के लिए कंधे की स्थिति अनुकूल नहीं थी। ऐसे में टीम प्रबंधन ने जुरेल को ग्लव्स सौंपे। जुरेल ने भी जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाते हुए विकेट के पीछे अपनी भूमिका जारी रखी।
मोर्केल ने यह भी संकेत दिया कि भारतीय टीम पंत को जल्द से जल्द विकेटकीपिंग करते हुए देखना चाहती है, क्योंकि उनके अनुभव का टीम को बड़ा फायदा मिलता है। हालांकि, उनकी उपलब्धता का फैसला चोट की स्थिति का दोबारा आकलन करने के बाद ही किया जाएगा।
पंत का फिट रहना भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह टीम के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं और विकेटकीपर के रूप में भी उनकी भूमिका अहम है। फिलहाल टीम प्रबंधन उनकी चोट पर नजर बनाए हुए है। दूसरी ओर, ध्रुव जुरेल को अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से युवा विकेटकीपर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का एक और मौका मिला है।



