Baruipur Encounter: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल प्रभास मंडल की बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घटनास्थल पर ले जाने के दौरान एक पुलिसकर्मी की सरकारी पिस्तौल छीन ली और भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया. घायल आरोपी को तुरंत बारुईपुर उप-मंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
कैसे हुई मुठभेड़?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान घटनाक्रम को समझने के लिए मंगलवार रात करीब 12:45 बजे प्रभास मंडल को बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके में ले जाया गया था. इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी से सरकारी पिस्तौल छीन ली और भागने का प्रयास किया. पुलिस का दावा है कि उसने टीम पर एक राउंड फायर भी किया. आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया.
पश्चिम बंगाल | बारुईपुर रेप और मर्डर केस के आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। क्राइम सीन को फिर से बनाने के दौरान, उसने पुलिस से हथियार छीनने और उन पर गोली चलाने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो प्रभास को लगी, अस्पताल में उसे मृत घोषित कर…
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 8, 2026
जांच में नहीं कर रहा था सहयोग
पुलिस के अनुसार, प्रभास मंडल पूछताछ के दौरान लगातार जांचकर्ताओं को गुमराह कर रहा था और सहयोग नहीं कर रहा था. इसी कारण उसे घटनास्थल पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (रीक्रिएशन) कराया जा रहा था।
लापता बच्ची का 4 जुलाई को मिला था शव
4 जुलाई को लापता हुई बच्ची का शव अगले दिन सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरे के अंदर मिला था. इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया. गुस्साए स्थानीय लोगों ने बारुईपुर-जयनगर रोड पर जाम लगाया, टायर जलाए और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की. आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया. घटना के बाद रविवार को आक्रोशित भीड़ ने इस मामले में संलिप्तता के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. पुलिस ने अब तक इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है.
72 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई
पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) को 72 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस वाहनों व रेलवे ट्रैक पर तोड़फोड़ करने वाले करीब 200 लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है।
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