Saturday, October 3, 2026
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देशभर में मौसम का अलग-अलग मिजाज: बिहार में बाढ़, यूपी में उफनती नदियां; राजस्थान में 40°C के पार तापमान

देशभर में मौसम का मिजाज अलग-अलग देखने को मिल रहा है। बिहार में गंडक नदी के उफान और तटबंध टूटने से 6 जिलों के 255 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। यूपी में बारिश थमने के बावजूद 15 नदियां खतरे के निशान के करीब या ऊपर बह रही हैं। वहीं राजस्थान में अक्टूबर में भी तापमान 40°C के पार पहुंच गया है। पहाड़ी राज्यों से मानसून की विदाई शुरू हो गई है।

नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज इस समय अलग-अलग देखने को मिल रहा है। बिहार में गंडक नदी के उफान और तटबंध टूटने से कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में बारिश थमने के बावजूद नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। दूसरी ओर राजस्थान और हरियाणा में अक्टूबर की शुरुआत के बाद भी दिन के तापमान में कमी नहीं आई है। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है।

बिहार में 255 गांव बाढ़ की चपेट में

बिहार में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर और सारण में तटबंध टूटने के कारण 6 जिलों के करीब 255 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। करीब 4 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि लगभग 44 हजार लोगों को घर छोड़ना पड़ा है।बिहार सरकार के मुताबिक राज्य का करीब 68.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र, यानी लगभग 73% हिस्सा बाढ़ प्रभावित है। राज्य के 38 में से 28 जिले बाढ़ की चपेट में आने वाले माने जाते हैं।सारण में तटबंध टूटने के बाद गंडक नदी का पानी ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गया है। कई इलाकों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यूपी में बारिश थमी, लेकिन नदियां उफान पर

उत्तर प्रदेश में शनिवार सुबह ज्यादातर जिलों में धूप निकली। मौसम विभाग ने आज किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, बारिश रुकने के बावजूद प्रदेश की कई नदियों में जलस्तर ऊंचा बना हुआ है।गंगा और शारदा समेत 15 नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रही हैं। गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिसके चलते करीब 30 गांव प्रभावित हुए हैं।उन्नाव में सई नदी का पानी 12 से ज्यादा गांवों में पहुंच गया है। वहीं बलिया में गंगा और सरयू के बढ़े जलस्तर से कई गांव प्रभावित हैं और एक स्कूल तक बाढ़ का पानी पहुंचने की तस्वीरें सामने आई हैं।

राजस्थान में अक्टूबर में भी 40°C के पार पारा

राजस्थान में अक्टूबर शुरू होने के बावजूद दिन के तापमान में ज्यादा राहत नहीं मिली है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर ज्यादा है और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है।शुक्रवार को पिलानी, झुंझुनूं में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में रात के तापमान में गिरावट शुरू हो गई है। इससे रात के समय हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।

मध्य प्रदेश में सूखे जैसे हालात

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। इनमें 11 जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से 80% से भी कम बारिश दर्ज हुई है। आलीराजपुर में बारिश सामान्य के आधे से भी कम रही।

हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम शुष्क

हरियाणा में अक्टूबर शुरू होने के बाद भी गर्मी बनी हुई है। बारिश नहीं होने और मौसम शुष्क रहने के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले 0.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज हुई।पंजाब और चंडीगढ़ में भी मौसम फिलहाल शुष्क बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण वातावरण में नमी कम हो रही है और बारिश की संभावना कम बनी हुई है।

हिमाचल और उत्तराखंड से मानसून की विदाई

हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अगले 48 घंटे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों से मानसून लौट सकता है।वहीं उत्तराखंड से भी मानसून की विदाई की संभावना है। 3 और 4 अक्टूबर को प्रदेश के सभी 13 जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में सुबह हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है।इस तरह अक्टूबर की शुरुआत में देश में मौसम के कई रंग देखने को मिल रहे हैं—बिहार और यूपी में बाढ़ और उफनती नदियां, राजस्थान-हरियाणा में गर्मी और उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मानसून की विदाई।

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