सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसे कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ लोग मोबाइल ऐप के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा को अचानक बंद करते दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो के बाद सवाल उठने लगे कि क्या सच में कोई भी व्यक्ति दूर से किसी भी ई-रिक्शा को बंद कर सकता है?
जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़ा है। कुछ ब्लूटूथ-सक्षम लिथियम बैटरियां मोबाइल ऐप के जरिए कनेक्ट हो जाती हैं। वायरल वीडियो में लोग BAT-BMS जैसे ऐप से बैटरी से कनेक्ट होकर डिस्चार्ज स्विच ऑफ करते दिखे, जिससे संगत ई-रिक्शा बंद हो गया।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी ई-रिक्शा या सभी बैटरियां इस तरह प्रभावित होती हैं। यह केवल उन बैटरियों तक सीमित पाया गया जिनमें पर्याप्त सुरक्षा या ऑथेंटिकेशन नहीं था।
विवाद बढ़ने के बाद BAT-BMS ऐप में स्विच-ऑफ फीचर के लिए पासवर्ड सुरक्षा जोड़ दी गई। लेकिन मीडिया परीक्षण में एक अन्य बैटरी मैनेजमेंट ऐप Epoch Li-ion के जरिए भी एक संगत ई-रिक्शा को बंद किया गया, जिससे यह चिंता और बढ़ गई कि सुरक्षा केवल एक ऐप तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
मामला अब दिल्ली सरकार तक पहुंच चुका है। परिवहन विभाग को जांच के निर्देश दिए गए हैं, जबकि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के लिए मजबूत सुरक्षा मानक और सख्त प्रमाणीकरण लागू करने की मांग कर रहे हैं।



