Vaibhav Suryavanshi on Kumar Sangakkara : मुंबई। राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगाकारा ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वह प्रसिद्धि और चकाचौंध से बिल्कुल प्रभावित नहीं होते। संगाकारा के अनुसार, वैभव दबाव में भी शांत रहते हैं और भविष्य में भारतीय व विश्व क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। श्रीलंका के इस पूर्व दिग्गज कहा कि यह आक्रामक किशोर बल्लेबाज भारत के साथ-साथ विश्व क्रिकेट में भी बड़ा नाम बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी के करियर को समझदारी से आगे बढ़ाने और परिवार और टीम के मजबूत सहयोग की जरूरत होगी।

संगाकारा ने वैभव की मानसिक मजबूती को सराहा
संगाकारा ने ‘स्काई स्पोर्ट्स’ से बातचीत में कहा, “उन्हें आने वाले समय में क्रिकेट और व्यावसायिक स्तर पर कई अवसर मिलेंगे। इन सबके बीच संतुलन बनाना और उसे मिलने वाला समर्थन बेहद महत्वपूर्ण होगा। लेकिन एक बात तय है कि उसे बल्लेबाजी करना पसंद है। प्रसिद्धि और चकाचौंध का उस पर ज्यादा असर नहीं होता। वह जमीन से जुड़ा और जिज्ञासु स्वभाव का है।’’ उन्होंने यह भी बताया कि वैभव केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहता और खेल के बाहर भी उसकी रुचियां हैं।
इस पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, वह केवल क्रिकेट के बारे में ही नहीं सोचता है। उसके जीवन में अन्य चीजों के लिए भी जगह है। मुझे पूरा विश्वास है कि वह भारतीय क्रिकेट, विश्व क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में बड़ा प्रभाव छोड़ेगा। वह मानसिक रूप से मजबूत है और लोकप्रियता को अच्छी तरह संभाल लेगा। संगाकारा ने आईपीएल के एक मुकाबले का जिक्र करते हुए कहा कि लखनऊ सुपर जायंट्स को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए 220 रन का बचाव करना था। उस मैच में राजस्थान रॉयल्स ने पहले क्षेत्ररक्षण की थी। सूर्यवंशी ने लक्ष्य का पीछा करने से पहले की संकेत दे दिया था कि वह इस मैच को टीम को जितायेंगे।
कोच, चिंता मत कीजिए, यह मैच हम जीत रहे है : संगाकारा
संगाकारा ने बताया, मैदान पर जाने से पहले उसने मेरी तरफ देखा और कहा , कोच, चिंता मत कीजिए, यह मैच हम जीत रहे हैं’। श्रीलंका के इस पूर्व कप्तान ने कहा, वह इसके बाद ड्रेसिंग रूम में गया और डोनोवन फरेरा तथा लुआन-ड्रे प्रीटोरियस से बोला, मैं आज 13 छक्के लगाऊंगा, उसके बाद तुम लोग बचा हुआ काम खत्म करना। उसने उस मैच में 10 छक्के लगाए।

संगाकारा के अनुसार, शुरुआत में इन दोनों खिलाड़ियों को लगा कि वह मजाक कर रहा है, लेकिन जैसे ही वह पांच छक्कों तक पहुंचा, वे इसे गिनने लगे क्योंकि उन्हें एहसास हो गया कि वह वास्तव में यह कर सकता है। महज 15 साल की उम्र में ऐसा आत्मविश्वास दिखाना खास है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बल्लेबाजी कोच और मेंटर दिनेश कार्तिक ने भी वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे शीर्ष तेज गेंदबाज भी उसे रोकने में संघर्ष करते हैं।
कार्तिक ने कहा, हमने योजना बनाई थी कि यॉर्कर और बाउंसर से उसे रोका जा सकता है, लेकिन गुवाहाटी में कुछ भी काम नहीं आया। उन्होंने कहा, वह बेहद कठिन बल्लेबाज है। इस आईपीएल में मेरे अनुसार वह सबसे मुश्किल बल्लेबाज था। उसका आधार मजबूत है, ऑफ साइड पर वह तेजी से शॉट खेलता है और पावरप्ले में दो फील्डरों के बाहर होने का पूरा फायदा उठाता है।



