Ram Mandir Donation Case : उज्जैन। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या के राम मंदिर चंदा मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता भी जताई। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इस प्रकरण की पूरी जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की है लेकिन ये सभी आरोपियों को ‘‘बचाने’’ में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा, जिन लोगों में धर्म के प्रति आस्था है, सनातन धर्म के प्रति आस्था है और भगवान राम के प्रति आस्था है, वे इस ‘चोरी’ और ‘लूट’ को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसकी पूरी-पूरी जवाबदेही और जिम्मेदारी भाजपा, आरएसएस और विहिप पर है।

चंपत राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए : दिग्विजय
सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा, हमारी मांग है कि चंपत राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। गिरफ्तार करो चंपत राय को, अनिल मिश्रा को! इन्होंने यह सब खुलेआम किया है और प्रमाण के लिए महिपाल सिंह हैं एवं दीनानाथ वर्मा हैं। आप उनका प्रमाण क्यों नहीं लेते? उनका बयान लीजिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूरा आरएसएस और विहिप आरोपियों का बचाव करने में लगा हुआ है। इस मामले में ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में बृहस्पतिवार को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को सात जून को एक खबर का हवाला देते हुए उठाया था और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी। बाद में इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। दान और चढ़ावे की कथित चोरी के इस मामले में ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद पुलिस कार्रवाई शुरू हुई। सिंह ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव जाएगी और इसके लिए वार्ड से लेकर जिला स्तर पर समितियां गठित की जा रही हैं।
विहिप और आरएसएस का धर्म और धार्मिक व्यवस्थाओं से कोई लेना-देना नहीं : दिग्विजय
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा, विहिप और आरएसएस ने मिलकर सनातन धर्म की सारी परंपराओं का ‘‘विनाश किया है और सनातन धर्म का पालन करने वालों को धोखा दिया है।’’ उन्होंने कहा कि विहिप और आरएसएस का धर्म और धार्मिक व्यवस्थाओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ये लोग जमीन हड़पने का काम करते हैं। इनसे अधिक भ्रष्ट कोई समूह नहीं है। न तो इनका कोई पंजीकरण है, न ही इनसे कोई कर लिया जाता है। इसके बावजूद ऐसे संगठन को इतनी ताकत दे दी गई है। ये लोग केवल और केवल मठों एवं मंदिरों पर कब्जा करना चाहते हैं।’’ सिंह ने कहा कि राम मंदिर के लिए करीब साढ़े बारह करोड़ परिवारों से चंदा लिया गया लेकिन इसका कोई हिसाब नहीं है।



