Iran US War: अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं. हमले में 8 लोगों की मौत की खबर सामने आई है. सेंटकॉम के अनुसार, पिछले 72 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई. इन हमलों में पूर्वी इराक स्थित हथियार भंडार, सैन्य उपकरण और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल ईरान समर्थित समूह कथित तौर पर हमलों के लिए कर रहे थे.
ईरान समर्थित PMF ने की हमलों की पुष्टि
PMF ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा है कि अमेरिका और सऊदी अरब के संयुक्त हमलों में पूरे इराक में उसके मुख्यालयों को निशाना बनाया गया. निनवेह में कम से कम 8 लोग मारे गए हैं और 4 अन्य घायल हुए हैं. यमन के ईरान समर्थित आतंकी समूह हुती ने पीएमएफ पर हमले की निंदा की है. हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी सेना ने कहा है कि अमेरिकी बल पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं.
युद्धविराम की कोशिशों को झटका
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मध्यस्थ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कर दोनों पक्षों को दोबारा बातचीत की मेज पर लाने तथा युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे. हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई में कुछ कमी देखी गई थी, लेकिन ताजा घटनाओं ने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.
हूती विद्रोहियों का दावा
उधर, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने नाकेबंदी के जरिए सऊदी अरब के एक तेल टैंकर को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया. इस दावे पर सऊदी अरब की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ सकता तनाव
यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है. दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल का समुद्री परिवहन इसी मार्ग से होता है, इसलिए यहां किसी भी सैन्य तनाव का प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है.
ये भी पढ़ें: कॉमनवेल्थ गेम्स में गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, 10,000 मीटर की रेस में मेडल जीतने वाले बने पहले भारतीय



