US Attack On Iran: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. होर्मुज में तीन जहाजों पर अटैक के बाद अमेरिका सेना ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में ईरान के कई सैन्य ठिकानों और बंदरगाहों को निशाना बनाया गया है. ताजा हमले को US और ईरान के बीच हमेशा के लिए युद्ध करने के समझौते के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. साथ ही दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कही ये बात
US सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ़ कई ज़ोरदार हमले शुरू कर दिए हैं. ये हमले एक अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर बेगुनाह आम लोगों वाले कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने और उन पर हमला करने के लिए भारी कीमत चुकाने के लिए किए गए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ये हमले होर्मुज स्ट्रेट से गुज़र रहे 3 कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में किए गए हैं. इसके साथ ही यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान पर सीजफायर उल्लंघन और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप भी लगाया है. ईरान का दिखाया गया हमला गैर-ज़रूरी, खतरनाक और सीज़फ़ायर का साफ़ उल्लंघन था.’
U.S. Central Command forces have begun launching a series of powerful strikes against Iran to impose heavy costs for targeting and attacking commercial shipping crewed by innocent civilians in an international waterway. The U.S. strikes are in response to Iranian attacks on three…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 7, 2026
ईरान ने दी नतीजे भुगतने की चेतावनी
अमेरिकी हमले पर ईरान ने धमकी दी है. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया है साथ ही नतीजे भुगतने की चेतावनी देते हुए कहा कि अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को बचाने के लिए ज़रूरी समझे जाने वाले सभी कदम उठाएगा.’
Ministry of Foreign Affairs of the Islamic Republic of Iran tweets, "… The Ministry of Foreign Affairs of the Islamic Republic of Iran, while warning of the consequences of the United States' breach of the agreement, will take any action it deems necessary to safeguard its… pic.twitter.com/Fwl1pcLL05
— ANI (@ANI) July 7, 2026
ईरान की तेल बिक्री पर लगाई रोक
हमले के बाद अमेरिका ने उस लाइसेंस को भी रद्द कर दिया है जिसके तहत अंतरिम समझौते के तहत ईरान को तेल बिक्री की अनुमति दी गई थी. यह समझौता दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए किया गया था. वहीं ईरान ने अमेरिका द्वारा तेल बिक्री का लाइसेंस रद्द करने की निंदा करते हुए इसे समझौते का उल्लंघन करार दिया है. और कहा है कि इस वादाखिलाफी के परिणामों की जिम्मेदारी अमेरिकी सरकार की होगी.
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