Wednesday, November 4, 2026
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ट्रंप ने फिर दिया टैरिफ का झटका, भारत, पाकिस्तान समेत इन देशों पर लगाया अतिरिक्त शुल्क

US Tariff On India: अमेरिका ने बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक को सख्त बनाने के तहत भारत समेत 17 देशों के कुछ उत्पादों पर 25 जुलाई से 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है।

US Tariff On India: अमेरिका ने बंधुआ मजदूरी (Forced Labor) से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने के प्रयासों के तहत भारत समेत 17 देशों से आयातित कुछ वस्तुओं पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है. यह निर्णय अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 301 के तहत लिया गया है और नए शुल्क 25 जुलाई से प्रभावी होंगे.

अमेरिका ने पिछले महीने जारी प्रस्ताव में भारत को 12.5 प्रतिशत शुल्क वाले देशों की श्रेणी में रखा था लेकिन उसने बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने के लिए भारत द्वारा अपनी विदेश व्यापार नीति में किए गए संशोधन का संज्ञान लिया और शुल्क को कम करके 10 प्रतिशत कर दिया.

ट्रंप प्रशासन का फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जारी एक रिलीज में कहा कि जिन देशों ने बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने और उन्हें लागू करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं, उन्हें सुधार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह शुल्क लगाया जा रहा है. वहीं, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने 60 देशों पर नए शुल्क लागू करने की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम मानवाधिकारों के उल्लंघन और व्यापार को विकृत करने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में उठाया गया है.

भारत को मिली राहत

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, भारत द्वारा अपनी व्यापार नीति में किए गए संशोधन को ध्यान में रखते हुए उसे प्रस्तावित 12.5 प्रतिशत के बजाय 10 प्रतिशत शुल्क की श्रेणी में रखा गया है. USTR के संघीय नोट में भी उल्लेख किया गया है कि जून में प्रस्तावित शुल्कों की घोषणा के बाद भारत ने बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया, जिसे इस फैसले में सकारात्मक रूप से देखा गया.

किन देशों पर कितना शुल्क?

अमेरिका के फैसले के अनुसार, भारत, कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत 17 देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू होगा. वहीं, शेष 43 देशों को 12.5 प्रतिशत शुल्क का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, यह शुल्क उन कच्चे माल पर लागू नहीं होगा जिन पर शुल्क लगाने से अमेरिकी घरेलू बाजार में आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा, ऐसे उत्पाद जिन्हें अमेरिका में पर्याप्त मात्रा में उत्पादित नहीं किया जा सकता या जिन पर शुल्क लगाने से व्यापक आर्थिक व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका है, उन्हें भी छूट दी गई है.

अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार

अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और भारतीय निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है. भारत के वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का कुल व्यापार लगभग 141 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 87.3 अरब अमेरिकी डॉलर था. यह नया शुल्क ऐसे समय लागू किया जा रहा है जब दोनों देश व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में भी बातचीत कर रहे हैं.

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