मुंबई। मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में अब उनकी टीम का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी दावों, AI से तैयार वीडियो और मनगढ़ंत कहानियों को लेकर नाराजगी जताई है। साथ ही, गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
टाइगर श्रॉफ की टीम ने स्पष्ट किया कि अभिनेता ने हालिया फायरिंग की घटना को लेकर न तो कोई आधिकारिक बयान जारी किया है और न ही कोई वीडियो साझा किया है। सोशल मीडिया पर उनके नाम से प्रसारित हो रहे कंटेंट को टीम ने भ्रामक और बिना अनुमति के बनाया गया बताया है।
सोशल मीडिया पेजों को दी चेतावनी
टीम ने मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पेजों से अपील की है कि किसी भी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। टीम के मुताबिक, कुछ पेज एंगेजमेंट और आर्थिक फायदे के लिए AI से बने वीडियो और झूठी कहानियां फैला रहे हैं, जिससे लोगों के बीच भ्रम पैदा हो रहा है।
टीम ने साफ कहा कि ऐसे कंटेंट को बनाने, प्रमोट करने या साझा करने वालों के खिलाफ उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपुष्ट वीडियो और खबरों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे शेयर करें।
18 अक्टूबर को हुई थी फायरिंग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 अक्टूबर को मुंबई में एक फुटबॉल क्लब से निकलते समय टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई थी। अभिनेता इस घटना में सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक राहगीर के घायल होने की खबर सामने आई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि आरोपियों ने इससे पहले बॉलीवुड के कुछ बड़े सितारों की रेकी की थी। हालांकि, मामले से जुड़े सभी दावों की पुष्टि जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी के आधार पर की जानी चाहिए।
फिलहाल, फायरिंग मामले की जांच के साथ-साथ टाइगर श्रॉफ की टीम ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है।



