Tata Motors Cars Price Hike: अगर आप भी कार खरीदने का सोच रहे हैं तो जल्दी कीजिए क्यों कि देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Tata Motors ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए यात्री वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है. कंपनी ने कहा है कि वह 1 जुलाई 2026 से अपने सभी पैसेंजर व्हीकल रेंज की कीमतों में1.5 प्रतिशत तक की वृद्धि करेगी. यह वृद्धि पेट्रोल डीजल (ICE) मॉडल्स के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पर भी लागू होगी. हालांकि अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के अनुसार यह बढ़ोतरी अलग-अलग हो सकती है.
कंपनी दाम बढ़ाने का क्यों लिया फैसला ?
कंपनी के अनुसार यह निर्णय कच्चे माल की बढ़ती लागत और लगातार बने हुए मुद्रास्फीति दबावों के कारण लिया गया है। टाटा मोटर्स ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि उत्पादन लागत में हुई बढ़ोतरी का अधिकांश भार कंपनी स्वयं वहन कर रही है, लेकिन लागत दबाव को पूरी तरह से संभाल पाना संभव नहीं होने के कारण इसका कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना आवश्यक हो गया है.
‘सभी मॉडलों और वेरिएंट्स पर अलग-अलग हो सकती’
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कीमतों में बढ़ोतरी सभी मॉडलों और वेरिएंट्स पर समान रूप से लागू नहीं होगी. अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के अनुसार मूल्य वृद्धि की दर अलग हो सकती है. इससे हैचबैक, एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों सहित कंपनी के विभिन्न उत्पादों की कीमतों पर असर पड़ेगा.
3 महीनों में दूसरी बार कीमतों में वृद्धि
गौरतलब है कि यह पिछले 3 महीनों में टाटा मोटर्स द्वारा की गई दूसरी मूल्य वृद्धि है. इससे पहले कंपनी ने 1 अप्रैल से अपने ICE वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की थी. उस समय पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़े प्रभाव को लागत बढ़ने की प्रमुख वजह बताया गया था.
मारुति और हुंडई भी बढ़ा चुकी कीमतें
ऑटोमोबाइल उद्योग में हाल के महीनों के दौरान लागत दबाव लगातार बढ़ा है. इसी कारण अन्य वाहन निर्माता कंपनियां भी कीमतों में वृद्धि कर चुकी हैं. मारुति सुजुकी इंडिया ने जून महीने से अपने विभिन्न मॉडलों की कीमतों में 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी, वहीं हुंडई मोटर्स इंडिया ने भी अपने वाहनों की कीमतों में मॉडल और वेरिएंट के अनुसार 12,800 रुपये तक का इजाफा किया था.
1 जुलाई से पहले कर दें बुकिंग
जानकारों का कहना है कि कच्चे माल की ऊंची कीमतों, वैश्विक आपूर्ति चुनौतियों और बढ़ती उत्पादन लागत के चलते आने वाले महीनों में ऑटोमोबाइल उद्योग पर दबाव बना रह सकता है. ऐसे में वाहन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए 1 जुलाई से पहले बुकिंग करना फायदेमंद साबित हो सकता है.
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