Tuesday, September 1, 2026
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‘न्यायिक भ्रष्टाचार’ वाला विवादित चैप्टर हटाया, SC ने बंद किया केस… जानिए अब किताब में क्या बदला!

NCERT कक्षा 8 की सोशल साइंस किताब के ‘न्यायिक भ्रष्टाचार’ से जुड़े विवादित अध्याय को पूरी तरह हटाकर नया अध्याय प्रकाशित कर दिया गया है। केंद्र के बयान के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान मामले की मुख्य कार्यवाही बंद कर दी।

नई दिल्ली। NCERT की कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका और ‘न्यायिक भ्रष्टाचार’ से जुड़े विवादित अध्याय को लेकर चल रहे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य कार्यवाही औपचारिक रूप से बंद कर दी है। केंद्र सरकार और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि विवादित अध्याय को पूरी तरह हटा दिया गया है और उसकी जगह नया अध्याय प्रकाशित कर दिया गया है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई मुख्य कार्यवाही को बंद कर दिया।

क्या था NCERT की किताब का विवाद?

फरवरी 2026 में NCERT की कक्षा 8 की नई सोशल साइंस पाठ्यपुस्तक का चौथा अध्याय ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ चर्चा में आया था। इस अध्याय में न्यायपालिका से जुड़े मुद्दों के साथ लंबित मामलों और न्यायिक भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख किया गया था। इसे लेकर विवाद खड़ा हुआ और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

सुप्रीम कोर्ट ने लिया था स्वतः संज्ञान

मामले पर CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने फरवरी 2026 में स्वतः संज्ञान लिया था। अदालत ने चिंता जताई थी कि कम उम्र के बच्चों को न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्था के बारे में ऐसी सामग्री पढ़ाना उनके मन में पूर्वाग्रह पैदा कर सकता है। इसके बाद अदालत ने तत्काल प्रभाव से किताब की हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी के वितरण पर रोक लगाने के साथ संबंधित किताबों को वापस लेने के निर्देश दिए थे।

विवादित चैप्टर अब पूरी तरह हटाया गया

अब सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि विवादित सामग्री को किताब से हटा दिया गया है। इसके स्थान पर संशोधित नया अध्याय तैयार कर प्रकाशित किया जा चुका है। NCERT ने इस मामले में हुई चूक के लिए बिना शर्त माफी भी मांगी थी और विवादित किताबों को वापस लेने की प्रक्रिया अपनाई थी।

लेखकों को लेकर भी कोर्ट ने किया स्पष्टीकरण

सुप्रीम कोर्ट ने लेखकों और शिक्षकों से जुड़े एक महत्वपूर्ण पहलू पर भी स्पष्टीकरण दिया। अदालत ने अपने 22 मई के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि लेखकों द्वारा ड्राफ्ट जमा नहीं करने संबंधी बात सॉलिसिटर जनरल के बयान के रूप में दर्ज थी, इसे कोर्ट का निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। अदालत ने लेखकों के खिलाफ किसी दुर्भावनापूर्ण इरादे के सीधे आरोप से संबंधित संदर्भ को भी रिकॉर्ड से हटा दिया।

अब NCERT केस का क्या हुआ?

विवादित अध्याय हटाए जाने, संशोधित अध्याय के प्रकाशन और नई किताब लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य स्वतः संज्ञान मामले की कार्यवाही बंद कर दी। यानी फिलहाल NCERT की कक्षा 8 की सोशल साइंस किताब से जुड़े इस विवाद में सुप्रीम कोर्ट की मुख्य कार्यवाही समाप्त हो गई है।

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