(प्राज्ञ पांडे)। स्पेन ने एक बार फिर दुनिया को अपनी फुटबॉल ताकत का एहसास करा दिया है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। 16 साल के लंबे इंतजार के बाद स्पेन अब खिताब से सिर्फ एक कदम दूर है। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। टीम ने न सिर्फ गोल किए, बल्कि पूरे मैच में अपनी रणनीति और डिफेंस से फ्रांस जैसी मजबूत टीम को दबाव में रखा। मैच का पहला बड़ा मौका 22वें मिनट में आया। फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने स्पेन के युवा स्टार लामिन यमाल को बॉक्स के अंदर रोकने की कोशिश में फाउल कर दिया। रेफरी ने तुरंत स्पेन को पेनल्टी दे दी। इस अहम मौके को मिकेल ओयारजाबाल ने पूरी शांति के साथ गोल में बदल दिया। उन्होंने गेंद को गोलपोस्ट के दाएं कोने में भेजकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह ओयारजाबाल का टूर्नामेंट में पांचवां गोल था। पहले गोल के बाद स्पेन का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और फ्रांस के स्टार खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
पेड्रो पोरो के गोल ने खत्म की फ्रांस की उम्मीदें
दूसरे हाफ में फ्रांस ने वापसी की कोशिश तेज कर दी। किलियन एम्बाप्पे और उनकी टीम लगातार स्पेन के डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन स्पेन की रक्षापंक्ति मजबूती से डटी रही। 58वें मिनट में स्पेन ने फ्रांस को दूसरा झटका दिया। दानी ओल्मो के शानदार पास पर पेड्रो पोरो ने गोल दाग दिया और स्पेन की बढ़त 2-0 हो गई। इस गोल के बाद फ्रांस के लिए वापसी बेहद मुश्किल हो गई। आखिरी मिनटों तक टीम कोशिश करती रही, लेकिन स्पेन ने अपनी बढ़त को कायम रखा और फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले किलियन एम्बाप्पे के लिए यह मुकाबला उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। स्पेन की मजबूत डिफेंस के सामने वह ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके। एम्बाप्पे को कई बार ऑफसाइड का सामना करना पड़ा और दूसरे हाफ में उन्हें येलो कार्ड भी मिला। फ्रांस की पूरी टीम उम्मीद कर रही थी कि उनका कप्तान कोई बड़ा कमाल करेगा, लेकिन स्पेन ने उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं दिया।
2010 के बाद स्पेन की फाइनल में वापसी
स्पेन अब 2010 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलेगा। 2010 में स्पेन ने नीदरलैंड को 1-0 से हराकर इतिहास रचा था और अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब जीता था। अब 16 साल बाद टीम के पास दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का मौका है। स्पेन का युवा और अनुभवी खिलाड़ियों से संतुलित स्क्वॉड इस टूर्नामेंट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा है। वहीं, फ्रांस का सपना लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलने का था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका। फ्रांस ने 2018 में खिताब जीता था और 2022 में फाइनल तक पहुंचा था।
स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस जैसी मजबूत टीम को हराकर अपना दावा और मजबूत कर दिया है। अब टीम की नजरें उस ट्रॉफी पर हैं जिसे उसने 2010 में पहली बार उठाया था। फाइनल में स्पेन का मुकाबला इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। दुनिया भर के फुटबॉल फैंस अब खिताबी मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं।



