Thursday, June 25, 2026
HomeIndiaहरिद्वार भूमि मामले के बीच संजय सिंह ने उठाए बड़े सवाल, 9...

हरिद्वार भूमि मामले के बीच संजय सिंह ने उठाए बड़े सवाल, 9 करोड़ की जमीन 55.47 करोड़ में खरीदी

हरिद्वार। उत्तराखंड के चर्चित हरिद्वार भूमि खरीद मामले में कार्रवाई के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मामले को लेकर विभिन्न दलों के नेताओं ने सरकार और संबंधित अधिकारियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

हरिद्वार में भूमि खरीद से जुड़े विवाद के बाद सरकार द्वारा कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच में भूमि मूल्यांकन, भूमि उपयोग परिवर्तन और खरीद प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। आरोप है कि जमीन की कीमतों में असामान्य वृद्धि के बावजूद सरकारी स्तर पर खरीद को मंजूरी दी गई, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।

इस बीच संजय सिंह ने एक प्रेस वार्ता में दावा किया कि उनके पास भूमि खरीद से जुड़े कई दस्तावेज और सबूत मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की जमीनों की खरीद में भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उनके अनुसार, कुछ मामलों में जमीनों को उनकी वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक दरों पर खरीदा गया। उन्होंने दावा किया कि 2 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन 18.5 करोड़ रुपये में, 3 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन 24 करोड़ रुपये में और 9 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन 55.47 करोड़ रुपये में खरीदी गई।

संजय सिंह ने यह भी कहा कि उनके पास उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों को जांच एजेंसियों के सामने रखने की इच्छा के बावजूद उन्हें अब तक विशेष जांच दल से मिलने का समय नहीं दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जांच निष्पक्ष है तो सभी पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए। आप नेता ने इस दौरान कुछ व्यक्तियों और ट्रस्ट की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और मामले की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image