Shiv Sena (UBT) Rebellion: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान मचा हुआ है. जहां शिवसेना (UBT) के भीतर बगावत की खबरों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पार्टी “पीठ में छुरा घोंपने वालों” को कभी माफ नहीं करेगी और उन्हें इस्तीफा देकर खुलकर एनडीए में शामिल होने की चुनौती दी.
बागी सांसदों पर बरसे राउत
मीडिया से बातचीत में राउत ने बागी नेताओं को “बेईमान” बताते हुए कहा कि जो लोग पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर आए हैं, उन्हें जनादेश के साथ विश्वासघात करने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा, “अगर किसी को पार्टी छोड़नी है तो पहले सांसद पद से इस्तीफा दें और फिर दूसरी पार्टी में जाएं. जनता ने उन्हें पार्टी के नाम और विचारधारा पर वोट दिया है.’
अपशब्दों वाले बयान का किया बचाव
राउत ने अपने विवादित बयानों का बचाव करते हुए कहा कि हम मराठी भाषा में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. इसमें गलत क्या है? मुझे अच्छी तरह पता है कि कौन सी भाषा कब इस्तेमाल करनी है. जो भाषा कोई समझता हो, वही इस्तेमाल करनी चाहिए. मैंने पार्लियामेंट में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है. जो आदमी 15 करोड़ रुपये लेकर पार्टी छोड़ दे, उसके बारे में आप क्या कहेंगे? क्या आप ऐसे आदमी पर फूल बरसाएंगे?”
छह सांसदों ने अलग गुट बनाने का दावा
गौरतलब है कि शिवसेना (UBT) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने अलग समूह बनाने का फैसला किया है. बताया जा रहा है कि इन सांसदों ने Om Birla को पत्र लिखकर लोकसभा में अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है.
उद्धव ठाकरे के लिए नई चुनौती
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) पहले ही 2022 में हुए बड़े विभाजन का सामना कर चुकी है, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायक अलग हो गए थे. अब यदि लोकसभा सांसदों का एक बड़ा समूह भी पार्टी से अलग होता है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है.
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