Salman Khan Pan Masala Case: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को कथित भ्रामक पान मसाला विज्ञापन मामले में बड़ी राहत मिली है. राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने उनके खिलाफ कोटा जिला उपभोक्ता आयोग में चल रही कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है. इस आदेश के बाद फिलहाल सलमान खान को हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच (FSL) के लिए कोटा में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी.मामले की अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित की गई है.
हाईकोर्ट इससे जुड़े एक आदेश पर लगा चुका रोक
इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट भी 27 मई को इस मामले से जुड़े एक आदेश पर अंतरिम रोक लगा चुका है. हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होनी है. शिकायतकर्ता और अधिवक्ता इंद्रमोहन सिंह हनी ने कोटा उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर कर सलमान खान की ओर से प्रस्तुत वकालतनामा और जवाब पर किए गए हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए थे. उनका आरोप था कि दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षरों की सत्यता की जांच कराई जानी चाहिए.
कोटा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दिए थे ये आदेश
इस शिकायत पर सुनवाई करते हुए कोटा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 26 दिसंबर 2025 को आदेश जारी किया था. आयोग ने अभिनेता सलमान खान के हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) से जांच कराने और उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर हस्ताक्षरित शपथपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे.
निर्धारित तिथि पर सलमान खान के उपस्थित नहीं होने के बाद शिकायतकर्ता की ओर से उनके खिलाफ अवमानना से संबंधित प्रार्थना पत्र भी दायर किया गया था. इसके बाद अभिनेता ने इस आदेश को चुनौती देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग का रुख किया.
सलमान के वकील ने कही ये बात
सलमान खान और संबंधित पान मसाला कंपनी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राकेश सुवालका के अनुसार, राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को कोटा उपभोक्ता आयोग के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के आदेश की प्रति पहले ही जिला उपभोक्ता आयोग में प्रस्तुत की जा चुकी थी. इसके बाद राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने भी 10 जून को सुनवाई के दौरान मामले में चल रही आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है.
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