RBI Deputy Governor Rohit Jain : नई दिल्ली। भारत सरकार ने रोहित जैन (Rohit Jain) को तीन साल के कार्यकाल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। वे टी. रबी शंकर का स्थान लेंगे, जिनका विस्तारित कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो गया। सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है, और वे तीन मई या उसके बाद औपचारिक रूप से पदभार संभालेंगे। रोहित जैन फिलहाल आरबीआई में कार्यकारी निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है, और अब उनकी नई जिम्मेदारियों पर सभी की नजरें टिकी हैं।
आरबीआई अधिनियम, 1934 के अनुसार केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होने चाहिए। इनमें से दो आंतरिक रैंक से, एक वाणिज्यिक बैंकर और एक अर्थशास्त्री होना चाहिए जो मौद्रिक नीति विभाग का नेतृत्व करे। अन्य तीन डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे, पूनम गुप्ता और एस सी मुर्मू हैं। टी रबी शंकर को पहली बार सितंबर 2021 में तीन साल के लिए डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया था। उन्हें 2024 में और उसके बाद 2025 में एक-एक साल का विस्तार दिया गया था।
रिजर्व बैंक में 30 साल का लंबा अनुभव
रिजर्व बैंक में तीन दशक का समृद्ध अनुभव रखने वाले जैन ने अपने करियर के दौरान कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने सुपरविजन, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट और बैंकिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में काम करते हुए अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया है। उनका यह व्यापक अनुभव न केवल संस्थागत कामकाज की गहरी समझ दर्शाता है, बल्कि जटिल वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने की उनकी क्षमता को भी उजागर करता है।
कॉमर्स और एमबीए की डिग्री, बैंकिंग रिस्क में भी मास्टर
अगर हम उनकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो कॉमर्स में मास्टर डिग्री (M.Com) और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री (MBA) हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने बैंकिंग रिस्क और रेगुलेशन में इंटरनेशनल सर्टिफिकेट (ICRR) और सर्टिफाइड एसोसिएट ऑफ द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (CAIIB) जैसी प्रोफेशनल डिग्रियां भी ली हैं। वे एक सर्टिफाइड बैंक ट्रेनर भी हैं।
इन विभागों की मिल सकती है जिम्मेदारी?
रोहित जैन को रिजर्व बैंक के भीतर कुछ अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। माना जा रहा है कि वे टी. रबी शंकर के अधीन रहे प्रमुख पोर्टफोलियो संभाल सकते हैं, जिनमें फाइनेंशियल मार्केट रेगुलेशन, फॉरेन एक्सचेंज और पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। हालांकि, इन जिम्मेदारियों को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है। भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही जैन के आधिकारिक पोर्टफोलियो की घोषणा कर सकता है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं।



