अयोध्या। अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी एक अहम प्रशासनिक नियुक्ति अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम पर आज फैसला होने की संभावना है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। कमेटी ने तीन उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया है। इनमें पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। इसके अलावा बिहार के पूर्व DGP डॉ. परेश सक्सेना और IAS अधिकारी दिनेश चंद्र के नाम भी पैनल में शामिल बताए जा रहे हैं। अब ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में इन नामों पर चर्चा के बाद अंतिम उम्मीदवार के नाम पर फैसला किया जाएगा।
सर्च कमेटी ने सौंपी अंतिम रिपोर्ट
राम मंदिर परिसर में हुई बैठक के बाद सर्च कमेटी के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी महाराज को अंतिम रिपोर्ट सौंपी। कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावड़े भी शामिल रहे। कमेटी ने कई चरणों की प्रक्रिया के बाद तीन सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया है।
5585 लोगों ने किया था आवेदन
राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO के चयन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। कुल 5585 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। आवेदनों की स्क्रीनिंग के लिए कमेटी ने पात्रता, अनुभव और अन्य मानकों को ध्यान में रखते हुए 600 अंकों का मूल्यांकन फॉर्म तैयार किया। इसमें 3577 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। स्क्रीनिंग के बाद 470 या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले 108 उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए चुना गया। इन उम्मीदवारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की गई। इसके बाद चार दिन चली चयन प्रक्रिया में 17 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। अंतिम चरण में सभी उम्मीदवारों को अयोध्या बुलाया गया, हालांकि इनमें से एक उम्मीदवार उपस्थित नहीं हो सका।
अनुभव और विजन के आधार पर हुआ चयन
अंतिम चरण में उम्मीदवारों के अनुभव, विजन, कार्यक्षमता, मंदिर परिसर के प्रबंधन की समझ और प्रशासनिक क्षमता समेत कई पहलुओं का आकलन किया गया। इसी प्रक्रिया के बाद सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल तैयार किया और इसे ट्रस्ट को सौंप दिया। हालांकि, अंतिम फैसला लेने का अधिकार न्यास मंडल के पास ही रहेगा।
कौन-कौन हैं रेस में?
पहले पूर्णकालिक CEO के लिए जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम प्रमुख बताया जा रहा है। इसके अलावा बिहार के पूर्व DGP डॉ. परेश सक्सेना और IAS अधिकारी दिनेश चंद्र भी अंतिम पैनल में शामिल बताए जा रहे हैं। पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्र के नाम की भी पहले चर्चा हुई थी, लेकिन उन्होंने खुद इस संभावना से इनकार किया था।
बैठक के लिए अयोध्या पहुंचे ट्रस्टी
CEO की नियुक्ति पर होने वाली अहम बैठक के लिए कई ट्रस्टी अयोध्या पहुंच चुके हैं। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी, युगपुरुष परमानंद और शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती के अयोध्या पहुंचने की जानकारी है। जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और केशव पराशरण बैठक से ऑनलाइन जुड़ेंगे। वहीं ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन और ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास पहले से अयोध्या में मौजूद हैं।
राम मंदिर के बेहतर प्रबंधन के लिए CEO की जरूरत
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी के मुताबिक, विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर के बेहतर और व्यवस्थित प्रबंधन के लिए एक सक्षम CEO की जरूरत महसूस की गई थी। इसी उद्देश्य से विशेषज्ञों की मदद से चयन प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने बताया कि हजारों आवेदनों की छंटनी और कई चरणों की चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सर्च कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि, अंतिम निर्णय न्यास मंडल ही करेगा।
जुलाई से चल रही थी चयन प्रक्रिया
राम मंदिर CEO के चयन की प्रक्रिया जुलाई में शुरू हुई थी। 6 जुलाई 2026 को चयन समिति का गठन किया गया। 11 जुलाई को पहली बैठक में चयन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड तय किए गए। 14 जुलाई को समीर पंडा को कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया और 18 जुलाई को आवेदन प्रक्रिया बंद हुई। इसके बाद आवेदनों की समीक्षा और मूल्यांकन का दौर चला। 3 से 6 अगस्त के बीच ऑनलाइन संवाद हुआ, जबकि 11-12 अगस्त को अंतिम 16 उम्मीदवारों से अयोध्या में प्रत्यक्ष संवाद किया गया। इसके बाद 1 सितंबर को सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया। अब सभी की नजरें ट्रस्ट की बैठक पर हैं, जहां यह तय होगा कि राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी।



